निर्धारित दुकान से पाठ्यक्रम खरीदने हेतु विवश करने पर लगेगा जुरमाना व होगी मान्यता समाप्त : जिला विद्यालय निरीक्षक

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#अभिभावक_संघ द्वारा की गई जिलाधिकारी को शिकायत पर उठाया कदम

हालांकि, हर वर्ष कोर्स बदल दिए जाने का मुद्दा फिर चला गया ठंडे बस्ते में

अंतर्ध्वनि डेस्क हरदोई
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अभिभावक संघ द्वारा उठाई गई मांग को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक श्री वी के दुबे ने कहा है कि किसी निर्धारित दुकान से पाठयक्रम खरीदने हेतु विवश करने वाले स्कूलों पर जुरमाना लगाया जायेगा और उनकी मान्यता भी समाप्त की जायेगी।

ज्ञात हो कि अभिभावक संघ हरदोई द्वारा द्वारा गत 20 जनवरी को जिलाधिकारी को की गई शिकायत में मांग की गई थी कि जनपद के सभी स्कूल अपने सभी कक्षाओं में चलने वाले पाठ्यक्रम की सूची मय प्रकाशक अपने अपने नोटिस बोर्ड पर जल्द चस्पा करें जिससे कि अभिभावकों को समय रहते पाठ्यक्रम का पता चल सके और उन्हें किसी एक निर्धारित दुकान से पुस्तकें खरीदने को विवश न होना पड़े।

हालांकि जो मुद्दा अभिभावकों को अधिक परेशान किए हुए है, वो है हर साल कोर्स बदल दिए जाने का। प्रशासन हो या संघ, सभी को पता है कि कोर्स क्यों बदला जाता है? इसके बावज़ूद इसे लेकर मुखर आवाज़ अभी तक उठाई नहीं गई है। पहले, अभिभावकों पर बोझ इसलिए भी कम आता था क्योंकि वे कहीं और से पुरानी किताबें मैनेज कर लेते थे, लेकिन अब वे फ़ीस भी भरते हैं व साथ ही महंगा कोर्स भी खरीदते हैं।

जिला प्रशासन हरदोई ने शुल्क नियामक कमेटी को सक्रिय रहने को कहा है और कांवेंट स्कूलों की मनमानी पर नजर रखने को निर्देशित किया है। जिससे स्कूल संचालक अभिभावकों को निर्धारित दुकान से पाठ्यक्रम खरीदने, पाठ्यक्रम स्कूल से बिक्री करने और मनमाने तरीके से फीस वृद्धि नहीं कर पाएंगे। जिला प्रशासन के अफसर मनमानी की शिकायत पुष्टि होने पर कांवेंट स्कूल संचालकों पर जुर्माना लगाते हुए कार्रवाई करेंगे। स्कूल संचालकों की मनमानी की शिकायतों को लेकर पिछले वर्ष योगी सरकार ने पहल करते हुए शुल्क नियामक अध्यादेश पूरे प्रदेश में लागू कर दिया था जिस के तहत हर जिले की भांति हरदोई में भी जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित हुई थी।

आज मिले अभिभावक संघ के प्रतिनिधि मंडल में राकेश पाण्डेय, गोपाल द्विवेदी व दानिश किरमानी को जिला विद्यालय निरीक्षक व बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि अभिभावकों की शिकायतों का त्वरित गति से निराकरण कराने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि स्कूल संचालक मनमाने तरीके से न तो फीस में वृद्धि कर सकेंगे और न ही अभिभावकों पर निर्धारित दुकान से पाठ्य पुस्तकें खरीदने का दबाव बना सकेंगे।

अभिभावक संघ प्रतिनिधि मंडल से वार्ता करते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि वे सभी स्कूलों को दिनांक 24 जनवरी को दिए गए लिखित सूचना से निर्देशित कर चुके हैं कि वे जल्द से जल्द पाठ्यक्रम की सूचना नोटिस बोर्ड पर लगाएं इसी क्रम में आज पुनः सभी विद्यालयों को एक सूचना प्रेषित की जा रही है कि परीक्षाएं समाप्त होने से पूर्व ही सभी विद्यालय दिए गए निर्देशों का अवश्य पालन कर लें यदि औचक निरीक्षण में किसी विद्यालय में निर्धारित तिथि तक सूची नहीं लगी मिली तो मान लिया जायेगा कि उस विद्यालय के पाठ्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया है।



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