रोटी कपड़ा और मकान से भी पहले शुद्ध हवा की आवश्यकता : डॉ राजेश

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अंतर्ध्वनि डेस्क हरदोई
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मानव और प्रकृति में एक सामंजस्य था, किंतु आधुनिक युग में मानव की आवश्यकताएं चरम पर हैं, जिसकी पूर्ति के लिए मानव ने प्रकृति का निर्दयतापूर्वक दोहन शुरू कर दिया। परिणाम हम सभी के सामने है- ‘पर्यावरण प्रदूषण’, जो आधुनिकता की देन है। प्रदूषण के कारण ही सम्पूर्ण पृथ्वी पर संकट है।

शहीद उद्यान स्थित कायाकल्प केन्द्र में कई वर्षों से नित्य संध्या व हवन होता है। नेचरोपैथ डॉ० राजेश मिश्र ने बताया कि हमारी धार्मिक परम्पराएं इतनी महत्त्वपूर्ण हैं कि समूचे जन-जीवन को सुख-समृद्धि प्रदान करने के साथ ही ये विज्ञान सम्मत भी हैं। कहा, यज्ञ ठोस वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जो हमारे जीवन का अभिन्न अंग है। यदि पर्यावरण की शुद्धि एवं सुखों की वृद्धि चाहते हो तो नित्य प्रातः सायं प्रत्येक घर में हवन-यज्ञ करो। डॉक्टर मिश्र ने कहा रोटी कपड़ा और मकान से भी पहले शुद्ध हवा की आवश्यकता होती है इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को चाहिए कि वह अपने स्नेही तथा परिजनों को हवन के माध्यम से शुद्ध ऑक्सीजन उपलब्ध कराये। कहा शुद्ध हवा से बड़ी कोई भी भेंट नहीं हो सकती।

कार्यशाला में दिलीप गुप्ता, वीरेश शुक्ला, अभिषेक, अमित, नीतू, श्रुति, अनामिका, रेनू, नंदिनी गुप्ता तथा अन्य लोग उपस्थित रहे।



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