कल देर रात मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के बन्दीपुर निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य अशोक त्रिपाठी के पुत्र मुकेश (25) के संदिग्ध अवस्था में गोली लगने से जख्मी हो गया। विक्टिम ने खुद ही डॉयल 100 कॉल कर अपनी जान जोखिम में होने के बात कही। डॉयल 100 की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची तो घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाए जाने की बात पता चली। पुलिस सीएचसी पहुंची, लेकिन तब तक मुकेश को ट्रामा सेण्टर लखनऊ ले जाया जा चुका था। अभी परिजनों ने कोतवाली पुलिस को तहरीर नहीं दी है।

अलबत्ता, विक्टिम के बड़े भाई बता सोनू त्रिपाठी ने विक्टिम की घायलावस्था की तस्वीरें एफ़बी पर वायरल करते हुए लिखा है, खेत जाते हुए विरोधियों ने गोली मार कर हत्या की कोशिश की। इशारा समझना मल्लावां वालों के लिए और ख़ासकर जो जाहिर ही निशाने पर है, उसके लिए कतई मुश्किल नहीं था। वहीं, मल्लावां कोतवाली पुलिस के सूत्र कह रहे हैं कि मुकेश का छोटे भाई शिवम् से झगड़ा हुआ और उसके बाद घटना हुई। मामले में विरोधी को लिखाना चाहते हैं इसीलिए अभी तक तहरीर नहीं दी गई है। एसएसआई विजय प्रताप सिंह के अनुसार उन्हें देर रात डॉयल 100 (2727) से सूचना मिली कि विक्टिम ने कॉल कर एम्बुलेन्स और पुलिस सहायता मांगी है और जान का खतरा बताया है। मौके पर पहुंचे तो लोग कुछ बताने को तैयार नहीं थे। अभी तहरीर नहीं मिली है।

उधर, मल्लावां सहकारी समिति सभापति अमित गुप्ता और उनके परिजन घटना के बाद सोनू त्रिपाठी की एफ़बी पोस्ट से आशंकित हैं। अमित के अनुसार साल 2006 में उनके पिता की हत्या कर दी गई थी। पूर्व जिला पंचायत सदस्य अशोक त्रिपाठी को मामले में आरोपित किया था। लेकिन, त्रिपाठी को जेल नहीं भेजा गया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की शरण ली तब जेल भेजा जा पाया और त्रिपाठी अभी जेल में निरुद्ध हैं। अमित को आशंका है कि मुकेश के साथ हुई घटना को उनके द्वारा अंजाम दिए जाने की साजिश हो रही है। मामले में खुद की फ़र्जी फंसाए जाने की आशंका के कारण अमित कल पुलिस अधीक्षक से मुलाक़ात करेंगे और अपना पक्ष रखेंगे। बहरहाल, घटना की क्षेत्र में ख़ासी चर्चा है।

फेसबुक से टिप्पणी करें