विंग कमांडर राकेश शर्मा एक पूर्व परीक्षण पायलट और पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री हैं। लम्बे समय तक सेवा के बाद वे भारतीय वायुसेना में विंग कमांडर के पद से सेवानिवृत्त हुए। 3 अप्रैल, 1984 को उन्होंने एक नया कीर्तिमान रचा जब उन्होंने लो ऑर्बिट में स्थित सोवियत स्पेस स्टेशन के लिए उड़ान भरी और सात दिन स्पेस स्टेशन पर बिताए। इस प्रकार वे भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री बन गए। भारत और सोवियत संघ के इस संयुक्त अंतरिक्ष मिशन के दौरान राकेश शर्मा ने भारत के कई भागों की फ़ोटोग्राफी भी की। इस अंतरिक्ष यात्रा के साथ वे विश्व के 138 वें अंतरिक्ष यात्री बने।

राकेश शर्मा ने अंतरिक्ष में कुल 7 दिन 21 घंटे और 40 मिनट बिताया। इस अंतरिक्ष दल ने 43 प्रयोग किये जिसके अंतर्गत वैज्ञानिक और तकनीकी अध्ययन शामिल था। इस मिशन पर राकेश शर्मा को बायो-मेडिसिन और रिमोट सेंसिंग के क्षेत्र से सम्बंधित जिम्मेदारी सौंपी गयी थी।

अंतरिक्ष यात्रा के दौरान उड़ान दल ने मास्को में सोवियत अधिकारियों के साथ और फिर तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी के साथ एक जॉइंट टेलीविज़न न्यूज़ कांफ्रेंस किया। जब इंदिरा गाँधी ने राकेश शर्मा से पूछा, “अपना भारत अंतरिक्ष से कैसा दिखता है?” तब उन्होंने जबाब दिया, “सारे जहाँ से अच्छा …..”। इस मिशन के साथ भारत अंतरिक्ष में मानव भेजने वाले देशों की श्रेणी में आ गया। भारत ऐसा करने वाला विश्व का 14वां देश बन गया। इस महत्वपूर्ण क्षण को लाखों भारतवासियों ने अपने टेलीविज़न सेट पर देखा।

आज भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा के जन्मदिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं।

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