दत्तात्रय रामचन्द्र कापरेकर भारतीय गणितज्ञ थे। इन्होंने संख्या सिद्धान्त के क्षेत्र में अनेक योगदान दिया, जिनमें से कापरेकर संख्या तथा कापरेकर स्थिरांक प्रमुख हैं। दत्तात्रय रामचन्द्र द्वारा कापरेकर संख्या और डेमलो संख्या की खोज हुई हैं।

गणित में उच्च शिक्षा न प्राप्त करने के बावजूद उन्होंने नंबर थ्योरी पर काम किया। कुछ स्थिरांक (constant) और बहुत सी संख्यायें (numbers) उनके नाम से जाने जाते हैं। वे मनोरंजात्मक गणित के क्षेत्र में जाने माने व्यक्ति थे। उच्च शिक्षा न प्राप्त करने के कारण भारत में गणितज्ञों ने उन्हें वह सम्मान नहीं दिया जो उन्हें मिलना चाहिये था। उनके पेपर भी निम्न श्रेणी के गणित की पत्रिकाओं में छपते थे। वे गणित के सम्मेलनों में अपने पैसे से जाते थे और अंको पर व्याख्यान देते थे। उन्हें कहीं से पैसों की मदद नहीं मिल पाती थी चूंकि वे केवल स्कूल टीचर थे। उन्हें भारत में सम्मान तब मिला जब उनके बारे में मार्टिन गार्डनर ने साईंटिफिक अमेरिकन के मार्च, 1975 अंक में, उनके बारे में लिखा।

17 जनवरी 1905 को जन्मे महान गणितज्ञ दत्तात्रय को नमन।