1983 में पहली बार भारत ने जीता वर्ल्ड कप, लॉर्ड्स में खेला गया था फाइनल मैच

0
24

भारतीय टीम ने फाइनल में 2 बार की चैंपियन टीम वेस्ट इंडीज को 40 रन से दी थी शिकस्त

कपिल देव की कप्तानी में भारत ने जीता पहली बार क्रिकेट वर्ल्ड कप

25 जून, यह तारीख भारत के हर क्रिकेट फैन को याद होगी। भारतीय क्रिकेट इतिहास के पन्नों में यह दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज है। आज ही के दिन 36 साल पहले यानी 25 जून 1983 को भारतीय क्रिकेट टीम ने पहली बार वर्ल्ड कप जीता था। इस ट्रॉफी ने भारतीय क्रिकेट की तस्वीर ही बदल डाली।

ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेले गए फाइनल मैच में भारतीय टीम 183 रनों पर आउट हो गई। सबसे ज्यादा रन के. श्रीकांत (38 रन) ने बनाए। इसके बाद दिग्गजों से सजी वेस्ट इंडीज की टीम को 140 रन पर ऑलआउट कर भारत ने वह कर दिखाया, जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी और पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। मैच में मोहिंदर अमरनाथ और मदन लाल ने 3-3 विकेट लिए थे और 43 रनों से जीत दिलाने में अहम भूमिका अदा की।

25 जून को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इस ऐतिहासिक दिन की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की। वर्ल्ड कप ट्रॉफी हाथ में लिए कपिल देव की इस फोटो को कैप्शन दिया गया है। आज ही के दिन 1983 ने भारत ने विश्व कप ट्रॉफी जीती।

1983 के वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का सफर

पहला मैच : 9-10 जून 1983, भारत v/s वेस्टइंडीज, मैनचेस्टर

भारत की पारी: वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला लिया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया ने 21 रन पर ही अपना पहला विकेट (के. श्रीकांत) गंवा दिया। इसके बाद 46 रन पर दूसरा (सुनील गावस्कर) और 76 रन पर तीसरा (मोहिंदर अमरनाथ) विकेट भी गंवा दिया। 5वें नंबर पर बल्लेबाजी करने यशपाल शर्मा आए। यशपाल ने 120 गेंदों पर 89 रन बनाए। उनके रनों की बदौलत भारत 60 ओवर में 8 विकेट गंवाकर 262 रन बना सका।

टीम इंडिया का स्कोर : 262/8 संदीप पाटिल36(52) लैरी गोम्स2/46 (10)यशपाल शर्मा89 (120)माइकल होल्डिंग2/32 (12)

वेस्टइंडीज की पारी : दो बार की वर्ल्ड चैम्पियन रही वेस्टइंडीज की टीम ने पहला विकेट 49 रन पर गंवाया। एंड्र्यू रॉबर्ट्स और जोएल गार्नर ने सबसे ज्यादा 37-37 रन बनाए थे। टीम इंडिया के लिए रवि शास्त्री और रोजर बिन्नी ने 3-3 विकेट लिए। वेस्टइंडीज की टीम अपने पहले मैच में 54.1 ओवर में 228 रन पर सिमट गई। इस तरह टीम इंडिया ने इस वर्ल्ड कप में अपना पहला मैच 34 रन से जीता।

वेस्टइंडीज का स्कोर : 228 (54.1)जोएल गार्नर37 (29)रोजर बिन्नी3/48 (12)एंडी रॉबर्ट्स37 (58)रवि शास्त्री3/26 (5.1)

दूसरा मैच : 11 जून 1983, भारत v/s जिम्बाब्वे, लीसेस्टर

जिम्बाब्वे की पारी : टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं पाई। टीम का एक भी खिलाड़ी 22 से ज्यादा रन नहीं बना पाया। जिम्बाब्वे ने 13 रन पर ही पहला विकेट गंवा दिया और पूरी टीम 51.4 ओवर में 155 रन पर सिमट गई। इस मैच में टीम इंडिया की तरफ से मदन लाल ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए थे।

जिम्बाब्वे का स्कोर : 155 (51.4)इयान बुचर्ट22 (35)रोजर बिन्नी2/25 (11)ग्रैंट पीटरसन22 (51)मदन लाल
3/27 (10.4)

भारत की पारी : छोटे लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने अपना पहला विकेट (सुनील गावस्कर) 13 रन और दूसरा विकेट (के श्रीकांत) 32 रन पर गंवा दिया। इसके बाद मोहिंदर अमरनाथ और संदीप पाटिल की पार्टनरशिप ने टीम को संभाला। उस मैच में मोहिंदर अमरनाथ ने 44 (79) और संदीप पाटिल ने 50 (54) रन बनाए थे। टीम इंडिया ने 37.3 ओवर में ही 5 विकेट से जीत हासिल कर ली थी।

टीम इंडिया का स्कोर : 157/5 (37.3)मोहिंदर अमरनाथ44 (79)अली शाह1/17 (3.3)संदीप पाटिल50 (54)पीटर रॉसन2/11 (5.1)

तीसरा मैच : 13 जून 1983, भारत v/s ऑस्ट्रेलिया, नॉटिंघम

ऑस्ट्रेलिया की पारी : टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अपना पहला विकेट सिर्फ 11 रन पर ही गंवा दिया। लेकिन इसके बाद ट्रेवर चैपल ने 110 रनों की पारी खेली। इसमें उनका साथ कप्तान किम ह्यूज ने दिया। उन्होंने 52 रन बनाए। इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 144 रन की पार्टनरशिप की। इन दोनों के अलावा ग्राहम येलप की 66 रनों की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने 60 ओवर में 320 रन बनाए।

ऑस्ट्रेलिया का स्कोर : 320/9 (60)ट्रेवर चैपल110 (131)कपिल देव5/43 (12)ग्राहम येलप66 (73)मदन लाल2/69 (12)

भारत की पारी : 321 रन के स्कोर का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने शुरू के ओवर कुछ संभलकर खेले। लेकिन अपना पहला विकेट रवि शास्त्री के रूप में 38 रन पर ही गंवा दिया। इसके बाद टीम इंडिया के विकेट गिरते चले गए। टीम इंडिया ने 100 रन के अंदर अपने 6 विकेट गंवा दिए और 37.5 ओवर में 158 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। ऑस्ट्रेलिया ने यह मुकाबला 162 रन के बड़े अंतर से जीता। इस वर्ल्ड कप में ये टीम इंडिया की पहली हार थी।

टीम इंडिया का स्कोर : 158 (37.5)कपिल देव40 (27)टॉम होगन2/48 (12)के श्रीकांत39 (63)केन मैकले6/39 (11.5)

चौथा मैच : 15 जून 1983, भारत v/s वेस्टइंडीज, ओवल

वेस्टइंडीज की पारी : टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज ने अपना पहला विकेट 17 रन पर ही गंवा दिया। इसके बाद बल्लेबाजी करने आए सर विवियन रिचर्ड्स ने 119 रन की पारी खेली। कप्तान क्लाइव लॉयड ने 41 रन बनाए। इसके बाद लैरी गोम्स के 27 रन की बदौलत टीम ने 60 ओवर में 282 रन बनाए। इस मैच में रोजर बिन्नी ने 3 विकेट लिए।

वेस्टइंडीज का स्कोर : 282/9 (60)क्लायव लॉइड41 (42)रोजर बिन्नी3/71 (12)सर विवियन रिचर्ड्स119 (146)बलविंदर संधु1/42 (12)

भारत की पारी : 283 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया ने सिर्फ 21 रन पर अपने दो विकेट गंवा दिए। इसके अलावा दिलीप वेंगसरकर चोटिल होने की वजह से 32 रन बनाकर रिटायर्ड हो गए। मोहिंदर अमरनाथ ने सबसे ज्यादा 80 रन बनाए लेकिन टीम को जीत नहीं दिला पाए। भारतीय टीम 216 रन पर सिमट गई और यह मैच 66 रन से हार गई।

टीम इंडिया का स्कोर : 216 (53.1)मोहिंदर अमरनाथ80 (139)माइकल होल्डिंग3/40 (9.1)कपिल देव36 (46)एंडी रॉबर्ट्स2/29 (9)

5वां मैच : 18 जून, भारत v/s जिम्बाब्वे, टनब्रिज वेल्स

भारत की पारी : लगातार दो मैच हारने के बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ कपिल देव ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी। लेकिन टीम का टॉप ऑर्डर पूरी तरफ फेल हो गया। टीम ने 17 रन पर ही अपने 4 विकेट खो दिए। इसके बाद बल्लेबाजी करने आए कपिल देव ने 175 रन की पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 16 चौके और 6 छक्के लगाए। कपिल देव की बदौलत टीम इंडिया 266 रन बना सकी।

टीम इंडिया का स्कोर : 266/8 (60)कपिल देव175 (138)केविन कुरेन3/65 (12)सैयद किरमानी24 (56)पीटर रॉसन3/47 (12)

जिम्बाब्वे की पारी : जिम्बाब्वे की टीम के ओपनर ने टीम को बढ़िया शुरुआत दिलाई। जिम्बाब्वे का पहला विकेट 44 रन पर गिरा, लेकिन इसके बाद टीम के विकेट लगातार गिरते रहे। सबसे ज्यादा रन केविन कुरेन (73) ने बनाए। लेकिन टीम 57 ओवर पर ही सिमट गई। भारत ने यह मैच 31 रन से जीत लिया।

जिम्बाब्वे का स्कोर : 235 (57)रॉबिन ब्राउन35 (66)रोजर बिन्नी2/45 (11)केविन कुरेन73 (93)मदन लाल
3/42 (11)

छठा मैच : 20 जून 1983, भारत v/s ऑस्ट्रेलिया, चेल्म्सफोर्ड

भारत की पारी : सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए भारत को यह मैच जीतना बहुत जरूरी था। भारत इस टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया से पहले भी हार चुका था। इस मैच में कपिल देव ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया। टीम की शुरुआत अच्छी नहीं थी और जल्दी-जल्दी विकेट गिरते रहे। इसके बाद भी टीम 247 रन बनाने में कामयाब रही। भारत की तरफ से किसी भी खिलाड़ी ने इस मैच में अर्धशतक नहीं लगाया।

टीम इंडिया का स्कोर : 247 (55.5)संदीप पाटिल30 (25)रॉडनी हॉग3/40 (12)यशपाल शर्मा40 (40)जेफ थॉमसन
3/51 (10.5)

ऑस्ट्रेलिया की पारी : 283 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अपना पहला विकेट 3 रन पर ही गंवा दिया। इसके बाद टीम के विकेट गिरते ही चले गए और ऑस्ट्रेलिया ने 100 रन के अंदर ही 7 विकेट गंवा दिए। रोजर बिन्नी और मदनलाल की तेज गेंदबाजी के सामने ऑस्ट्रेलियाई टीम टिक नहीं सकी और 129 रन पर ही सिमट गई। भारत ने यह मुकाबला 118 रन से जीत लिया।

ऑस्ट्रेलिया का स्कोर : 129 (38.2)एलन बॉर्डर36 (49)रोजर बिन्नी4/29 (8)ग्रेम वुड21 (32)मदन लाल
4/20 (8.2)

7वां मैच : 22 जून 1983, सेमीफाइनल 1 : भारत v/s इंग्लैंड, मैनचेस्टर

इंग्लैंड की पारी : पहले सेमीफाइनल में इंग्लैंड के कप्तान बॉब विलिस ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी। दोनों ओपनर ग्रैम फॉलर (33) और क्रिस तवारे (32) ने बढ़िया शुरुआत की और पहले विकेट के लिए 69 रन की साझेदारी की। हालांकि, इसके बाद इंग्लैंड की टीम खुद को संभाल नहीं पाई और लगातार विकेट गंवाती रही। इंग्लैंड ने भारत को 214 रन का लक्ष्य दिया।

इंग्लैंड का स्कोर : 213 (60)ग्रैम फॉलर33 (59)मोहिंदर अमरनाथ2/27 (12)क्रिस तवारे32 (51)कपिल देव
3/35 (11)

भारत की पारी : इंग्लैंड के खिलाफ टूर्नामेंट में पहला मैच खेलते हुए टीम इंडिया ने 50 रन के अंदर 2 विकेट गंवा दिए। लेकिन मोहिंदर अमरनाथ (46) और यशपाल शर्मा (61) ने पारी को संभाला। मोहिंदर अमरनाथ के आउट होने के बाद संदीप पाटिल आए और उन्होंने भी 51 रन की पारी खेली। टीम इंडिया ने 32 गेंदें शेष रहते ही 6 विकेट से मैच जीत लिया। टीम इंडिया पहली बार फाइनल में पहुंची।

टीम इंडिया का स्कोर : 217/4 (54.4)संदीप पाटिल51 (32)पॉल एलॉट1/40 (10)यशपाल शर्मा61 (115)सर इयान बॉथम
1/40 (11)