25 अगस्त : भाप का इंजन बनाने वाले जेम्स वाट आज ही के दिन नहीं रहे थे

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दुनिया में औद्योगिक क्रांति लाने वाले जेम्स वाट ने बचपन में ही भाप की शक्ति को भांप लिया था और अपनी इसी विश्लेषण शक्ति के बल पर वह आगे चलकर भाप का इंजन बनाने में सफल हुए। उन्नीस जनवरी 1736 को स्कॉटलैंड के ग्रीनॉक रेनफ्रेशाइर में जन्मे जेम्स वाट के अविष्कार से जहां रेल इंजन बनाने में सफलता मिली वहीं इससे पूरी दुनिया में औद्योगिक क्रांति आ गई। विश्व ने उनके अविष्कार को विभिन्न रूपों में इस्तेमाल कर औद्योगीकरण की राह पकड़ ली, जिसके चलते मनुष्य आज धरती से बाहर निकलकर चांद सितारों की दुनिया में भी सेंध लगा चुका है।

भौतिक शास्त्री एमके रमेश का कहना है कि आज जब भी ‘इंजन’ शब्द की बात आती है तो सबसे पहले जेम्स वाट का ही नाम याद आता है। उन्होंने कहा कि कोई भी औद्योगिक क्षेत्र हो वहां किसी न किसी तरह का इंजन काम कर रहा होता है। औद्योगिक योगदान के क्षेत्र में जेम्स वाट का नाम सर्वोच्च श्रेणी के वैज्ञानिकों में लिया जा सकता है।

25 अगस्त 1819 में उनकी मृत्यु हो गई। शत शत नमन।