विट्ठल भाई पटेल भारत के प्रख्यात विधानवेत्ता, वक्तृत्वकला के आचार्य और भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन के देश-विदेश में प्रचारक, प्रवर्तक थे। वे सरदार वल्लभ भाई पटेल के बड़े भाई थे।
सर्वप्रथम उन्होंने बंबई कारपोरेशन, बंबई धारासभा तथा कांग्रेस में महत्वपूर्ण कार्य किया। 24 अगस्त 1925 ईसवी को उन्हें धारासभा का अध्यक्ष चुना गया। यहीं से उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय प्रारंभ होता है। उनकी निष्पक्ष, निर्भीक विचारधारा ने धरातल में उनके व्यक्तित्व की अमिट छाप अंकित की। संसदीय विधि विधानों के वे प्रकाण्ड पंडित थे। यही कारण है कि वे सदन में सभी दलों के आदर एवं श्रद्धा के पात्र थे और उनकी दी हुई विद्वत्तापूर्ण व्यवस्था सभी लोगों को मान्य हुआ करती थी। केंद्रीय धारासभा के अध्यक्ष के रूप में वे भारत में ही नहीं विदेशों में भी विख्यात हुए। विधि विषयक अपने सूक्ष्म ज्ञान से वे तत्कालीन सरकार को भी परेशानी में डाल दिया करते थे।
27 सितम्बर 1871 को जन्मे विट्ठल भाई को आज जन्मदिन पर शत शत नमन।