29 जनवरी : मुखर सांसद रहे पीलू मोदी का जन्मदिवस

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पीलू मोदी स्वतंत्र पार्टी के प्रमुख नेता थे। वह भारत में उदारवादी एवं मुक्त आर्थिक नीतियों के समर्थक थे। वह पारसी धर्म के अनुयायी थे। वह लोकसभा के सभासद भी थे। उनके भाई रूसी मोदी, टाटा की इस्पात कम्पनी ‘टिस्को’ के भूतपूर्व अध्यक्ष थे। आपातकाल (भारत) के समय सन 1975 में इन्दिरा गांधी ने पीलू मोदी को मीसा के अन्तर्गत गिरफ्तार करवा लिया था।

पीलू मोदी ‘स्वतंत्र पार्टी’ के संस्थापक थे। यह गुजरात से चुनाव लड़कर सांसद बने फिर संसद से एक साल की अनुपस्थिति के बाद, 10 अप्रैल 1978 को यह राज्यसभा में शामिल हो गए और 1983 में अपनी मृत्यु तक वहां कार्य किया। स्वतंत्र पार्टी के संस्थापक पीलू मोदी किसी भी समय सदन का माहौल हल्का करने में माहिर थे, लेकिन अपनी अंग्रेजी की महारत से वह कई बार पीठासीन अधिकारी के कोप से बच भी जाते थे। एक बार पीलू सदन में बोल रहे थे। जेसी जैन उन्हें लगातार टोक रहे थे। पीलू मोदी ने झल्लाकर कहा स्टॉप बार्किंग (भौंकना बंद करो)। जैन ने आपत्ति की कि उन्हें कुत्ता कहा जा रहा है। इस पर पीठासीन अधिकारी ने इस टिप्पणी को कार्यवाही से निकाल दिया। पीलू कहां चुप रहने वाले। उन्होंने फिर कहा देन स्टॉप ब्रेयिंग (गधे की तरह रेंकना)। जैन की समझ में नहीं आया और यह टिप्पणी कार्यवाही का हिस्सा रह गई। पीलू मोदी अपने पर भी हंस सकते थे। एक दिन सदन में उन्हें एक सदस्य ने टोका कि पीठासीन अधिकारी की तरफ अपनी बैक (पीठ) करके मत बोलिए। भारी भरकम शरीर वाले पीलू मोदी का तपाक से जवाब आया, मैं तो गोल हूं।

स्वतंत्रता के बाद भारत ने अभी तक केवल एक ही नये शहर चंडीगढ़ का निर्माण किया है। इसके वास्तुकार फ़्रांस के ही श्री लाॅ कार बूजिये थे। कार बूजिये के साथ वास्तुकार का कार्य इसी भारतीय संसद के महान् सांसद ‘स्वर्गीय पीलू मोदी’ ने किया था। संयोग है कि पीलू मोदी गुजरात से ही चुनाव लड़कर लोकसभा में आया करते थे।

आज ही के दिन उनका निधन हुआ था, हमारी उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।