3 सितम्बर : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

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इस बार 2 और 3 सितंबर को कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जा रही है। इस बारे में श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि यह पहली बार नहीं हुआ है कि दो तिथियों में जन्माष्टमी मनाई जा रही है। शर्मा ने बताया कि स्मार्त(शैव) परंपरा के अनुसार, जन्माष्टमी 2 सितंबर को है, जबकि वैष्णव परंपरा के अनुसार, 3 सितंबर को जन्माष्टमी मनाई जाएगी। शास्त्रों में दोनों का ही विधान है और दोनों ही ठीक हैं। स्मार्त परंपरा के बारे में उन्होंने बताया कि स्मार्त लोग जन्माष्टमी तब बनाते हैं, जब रात में 12 बजे अष्टमी पड़े और वैष्णव परंपरा में जन्माष्टमी तब मनाते हैं जब सूर्योदय हो।
कपिल शर्मा ने बताया कि सूर्योदय में अष्टमी यदि एक मिनट भी स्पर्श करती है तो जन्माष्टमी उसी दिन मनाई जाती है। ब्रज के सभी मंदिरों में श्रीकृष्ण के जन्मस्थान, इस्कॉन और सनातन धर्म में जन्माष्टमी 3 सितंबर को ही मनाई जा रही है। सभी धर्मग्रंथों में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि, बुधवार, रोहिणी, नक्षत्र एवं वृष राशिस्थ चन्द्रमाकालीन अर्धरात्रि के समय हुआ था।