चित्तरंजन दास महान स्वतंत्रता सेनानी थे, जिनका जीवन ‘भारतीय स्‍वतंत्रता आंदोलन’ में युगांतकारी था। चित्तरंजन दास को प्‍यार से ‘देशबंधु’ (देश के मित्र) कहा जाता था। ये महान राष्ट्रवादी तथा प्रसिद्ध विधि-शास्त्री थे। चित्तरंजन दास ‘अलीपुर षड़यंत्र काण्ड’ (1908 ई.) के अभियुक्त अरविन्द घोष के बचाव के लिए बचाव पक्ष के वकील थे। ‘असहयोग आंदोलन’ के अवसर पर इन्होंने अपनी वकालत छोड़ दी थी। 1921 ई. में अहमदाबाद में हुए कांग्रेस के अधिवेशन के ये अध्यक्ष थे। ये ‘स्वराज्य पार्टी’ के संस्थापक थे। इन्होंने 1923 में लाहौर तथा 1924 में अहमदाबाद में ‘अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस’ की अध्यक्षता भी की थी।
5 नवंबर 1870 को जन्मे चितरंजन दास को शत शत नमन।