8 साल के क़दमों ने 5 घण्टे 8 मिनट बिना रुके किया नृत्य, बनाया रेकॉर्ड

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लखनऊ । युवाओं और बच्चों को लोक गीतों और लोक नृत्यों से जोड़े रखने के लिए 8 वर्षीय बाल नृत्यांगना वागीशा द्वारा 5 घंटे लोकगीतों पर नृत्य करके विश्व रिकॉर्ड स्थापना का प्रयास किया गया। लखनऊ में नृत्य के कई रिकॉर्ड बने हैं लेकिन इतनी छोटी बच्ची द्वारा लगातार नृत्य प्रस्तुति का यह पहला रिकॉर्ड है।

अलीगंज स्थित फ़्रेंडलीज़ रेस्टॉरेंट में वागीशा ने अपना नृत्य दोपहर 12 बजकर 3 मिनट पर प्रारंभ किया जोकि शाम 5 बजकर 11 मिनट तक चला। यह रिकॉर्ड मान्यता के लिए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भेजा जाएगा।

वागीशा के इस प्रयास में मुख्य अतिथि के रूप में सदस्य विधान परिषद दीपक सिंह उपस्थित रहे। साथ ही साथ पवन सिंह चौहान (चेयरमैन एस आर इंस्टिट्यूट), मनोज कुमार, बृजेन्द्र बहादुर मौर्य, अंजली फ़िल्म प्रोडक्शन से अंजली पांडेय, अरुण प्रताप सिंह, संजय जैन, कीर्ति पंत, मोहित कुमार श्रीवास्तव, स्वाति जैन, डॉ अमित सक्सेना, सुनील वर्मा, मनोज सिंह चौहान आदि भी वागीशा की इस रोचक प्रस्तुति के गवाह बने।

कार्यक्रम का आयोजन सांस्कृतिक-सामाजिक संस्था सृजन फाउंडेशन द्वारा किया गया था। यह सृजन फाउंडेशन का नृत्य के क्षेत्र में पांचवा रिकॉर्ड है।

वागीशा पन्त की अन्य उपलब्धियां निम्न हैं

350 स्टेज performance से ऊपर कर चुकी वागीशा का जन्म 16 अगस्त 2010 को हल्द्वानी जिला नैनीताल में हुआ था।

वागीशा का डांस का कैरियर 2014 से शुरू हुआ ।वागीशा मद्य निषेध विभाग पर्यटन विभाग युवा महोत्सव शाहजहांपुर युवा महोत्सव, दैनिक जागरण और परिवहन विभाग के संयुक्त तत्वाधान में यातायात रैली में अपनी प्रस्तुतियां दे चुकी है। इसके अलावा उत्तराखंड महोत्सव, उत्तरायणी कौतिक आदि मंचों में भी परफॉर्मेंस दी है।

वागीशा को सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान, कुलपति लखनऊ विश्वविद्यालय एसपी सिंह, कुलपति अरबी फारसी विश्वविद्यालय, कैबिनेट मिनिस्टर रीता बहुगुणा जोशी, कैबिनेट मिनिस्टर बृजेश पाठक से सम्मान, लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया से प्रशस्ति पत्र, पार्षद दिलीप सिंह से प्रशस्ति पत्र प्राप्त है

वागीशा अपनी प्रस्तुतियां लखनऊ, दिल्ली, शाहजहांपुर, कानपुर, इलाहाबाद व बाराबंकी में भी दे चुकी हैं

वागीशा फिल्म ‘कोड ब्लू’ फिल्म में आलोक नाथ की पोती के किरदार में है, वागीशा ने सड़क सुरक्षा को लेकर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म की है ‘ताकि अलग ना हो भाई बहन’ जिसको की सूचना आयुक्त श्री हाफिज उस्मान ने रिलीज किया था जिसे you tube पर देखा जा सकता है

वागीशा नहुष ग्राम सेवा समिति एवं विनायक ग्रामोद्योग संस्थान की ब्रांड एंबेस्डर भी है

वागीशा को प्रगति पर्यावरण की तरफ से बाल प्रतिभा रत्न सम्मान, एवं ध्रुव स्टार अवॉर्ड 2018 मिला है। वागीशा भरतनाट्यम वेस्टर्न एवं कुमाऊनी में भी परफॉर्म करती है।

वागीशा ने भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी के मास कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट के छात्रों के साथ एक लघु फिल्म भी की है। साथ ही साथ वागीशा सामाजिक कार्यों में भी संलग्न रहती है।

वागीशा ने मोहनलालगंज के देवकली बालिका विद्यालय में प्राथमिक विद्यालय के बच्चो के साथ जश्न ए मुस्कान कार्यक्रम किया है

वागीशा पन्त ने लखनऊ के निगोहा क्षेत्र में बारिश के कारण प्रभावित हुए करीब 14 घरों को राशन वितरित किया है

वागीशा पन्त ने अंजलि प्रोडक्शन के साथ मिलकर जश्न ए मुस्कान कार्यकम की एक सीरीज शुरू की है जिसमे प्राथमिक विद्यालय के बच्चो के साथ जश्न का कार्यकम मनाया जाता है जिसमे राज्य सूचना आयुक्त शामिल होते हैं।

वागीशा पन्त ने सिद्धार्थनगर में होने वाले कपिलवस्तु महोत्सव में विशेष प्रस्तुति दी जिसमे उसे डीएम एवं ज़िला सूचना अधिकारी द्वारा सम्मानित भी किया एवं करीब 3000 दर्शको द्वारा कार्यक्रम को देखा गया

अयोध्या में होने वाले अवध महोत्सव में वागीशा पंत ने विशेष प्रस्तुति दी जिसमे यूपी सरकार में मंत्री मुकुट बिहारी शर्मा के द्वारा नगद के साथ ही सम्मान भी प्राप्त किया

वागीशा पन्त ने अंजलि फ़िल्म प्रोडक्शन के साथ दूसरी शार्ट फ़िल्म मौका ज़िन्दगी में अभिनय किया है जिसे टाइटल सर्च करके यू ट्यूब पर देखा जा सकता है। इस फ़िल्म के रिलीज़ फंक्शन में दर्शकों की तरफ से वागीशा के अभिनय के लिए खूब वाह वाही मिली, इसी दौरान वरिष्ठ आइएएस डॉ हरिओम द्वारा वागीशा को सम्मानित भी किया गया।

यूपी के संतकबीरनगर ज़िले में मगहर महोत्सव में वागीशा को जिला प्रशासन ने प्रस्तुति हेतु आमंत्रित किया जिसमें अपनी प्रस्तुति देकर वागीशा पन्त ने सभी से भूरी भूरी प्रशंसा प्राप्त की।

आगरा में ताज महोत्सव के दौरान वागीशा पंत ने ताज महोत्सव में 5 प्रांत के लोकगीत हरियाणा राजस्थान उत्तरांचल अवध पर अपनी प्रस्तुति दी

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कुंभ महोत्सव, मुरादाबाद महोत्सव, मेरठ का नौचंदी मेला, बुलंदशहर महोत्सव, फिरोजाबाद महोत्सव, शाहजहाँपुर महोत्सव, कपिलवस्तु महोत्सव, पूर्वांचल साहित्य महोत्सव, मगहर खलीलाबाद महोत्सव एवं वर्तमान में निरंतर लोक नृत्य की प्रस्तुति दी रही हैैं।