हरियावाँ ब्लॉक के खेरिया गाँव में आज हुई “यज्ञ कार्यशाला” में नेचरोपैथ डॉ० राजेश मिश्र ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि जब कोई वस्तु जलती है तो वह सूक्ष्म परमाणुओं में परिवर्तित हो जाती है। परमाणु हल्के होते हैं अतः वह वायु मण्डल में फैल जाते हैं। वायु मण्डल में फैलने से उनका वायु पर लाभप्रद प्रभाव होता है। बताया, यज्ञ की ऊपर की ओर उठती हुई अग्नि को देखने से उन्नति होती है और यज्ञ की सुगन्धित गन्ध से बुद्धि तीक्ष्ण होती है। इसलिए विद्यार्थियों के लिए हवन आवश्यक है। इसी क्रम में विजय भाई ने कहा कि यज्ञ से सारी समस्याओं का समाधान हो सकता है। रविकांत त्रिपाठी ने कहा कि यज्ञ सर्वश्रेष्ठ कर्म है। वीरेन्द्र मिश्र और प्रदीप पाण्डेय ने कहा कि समय-समय पर इस तरह की यज्ञ कार्यशाला गाँव में होनी चाहिए।

आचार्य रमेशचन्द्र शुक्ल, सत्य प्रकाश मिश्र, दिलीप सरस्वती, इंजीनियर अनादि मिश्र, अजय पाल, अनिल शुक्ल, हितेश पाण्डेय, मोहित मिश्र, अभय, राकेश, जय पाल, सहित बड़ी संख्या में लोगों ने आहुतियाँ डालीं।