अधिवक्ताओं ने की सीतापुर पुलिस अधीक्षक को निलंबित करने की मांग

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आज हरदोई के अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन ज़िलाधिकारी हरदोई को सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि सीतापुर के जिला प्रशासन द्वारा निहित स्वार्थो के चलते 52 वर्ष पुराने सीतापुर क्लब पर अवैध कब्जा करने व उसे ध्वस्त करने का प्रयास किया और साजिश के तहत क्लब संचालन करने वाले बेदाग छवि के वरिष्ठ अधिवक्ता 70 वर्षीय ओमप्रकाश गुप्त व 65 वर्षीय रामपाल सिंह को अवैध हिरासत में लेकर उनके मोबाइल छीनकर पुलिस  अधीक्षक सीतापुर द्वारा इन वरिष्ठ अधिवक्ताओं को शराबी के रूप में बदनाम कर उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया गया। कहा, पुलिस अधीक्षक व उनके अधीनस्थ कर्मियों द्वारा अधिवक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया। उनके विरूद्ध झूठे मुकदमें कायम किये गये। अधिवक्ता चन्द्रभाल गुप्ता व दीपक राठौर को हिरासत में लेकर बुरी तरह पीटा गया तथा उनके साथ थर्ड डिग्री की उत्पीड़नात्मक कार्यवाही की गई और नियमों को परे रखकर जेल प्रशासन द्वारा अधिवक्ताओं के परिजनों से उनको मिलने नही दिया गया, न ही जेल में निरूद्व अधिवक्ताओं की फेयर डाक्टरी कराई गई।
आगे लिखा गया है कि कत्ल, डकैती, बलात्कार, पुलिस द्वारा अवैध वसूली आदि अपराधों पर अंकुश लगाने में पुलिस अधीक्षक पूर्णतया विफल हैं और अपनी कमी को छुपाने के लिए अधिवक्ताओं को प्रताड़ित कर रहे हैं तथा सीतापुर एस.पी. द्वारा समस्त अधिवक्ता समाज को यह कहकर अपमानित किया गया है कि    अधिवक्ताओं का जो भय/आंतकवाद समाज में व्याप्त है मै उसे दूर करके ही रहूॅगा, यह बयान अति निन्दनीय है। 
अंत मे निवेदन किया गया है कि जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे अधिवक्ताओं के उत्पीड़न को तत्काल रोकते हुए अधिवक्ताओं के विरूद्व कायम झूठे मुकदमें को निरस्त करते हुए पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी सीतापुर के इशारे पर पुलिस कस्टडी में अधिवक्ता चन्द्रभाल गुप्ता व दीपक राठौर को पीटने वाले व प्रताड़ित करने वाले पुलिस कर्मियों सहित पुलिस अधीक्षक के विरुद्ध अपराधिक मुकदमा दर्ज़ कराकर व पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराते हुए दोषी लोगों के विरूद्व कठोर कार्यवाही करने का निर्देश देने की कृपा करें तथा निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधीक्षक सीतपुर को निलंबित करने की कृपा करें। 
ज्ञापन मे प्रमुख रूप से एडवोकेट आदर्श दीपक मिश्र, एडवोकेट योगेश सिह, चन्द्र शेखर पाल, विजय पान्डेय, आलोक श्रीवास्तव, शाहवाजगढ़ी हसन, शिवमोहन शुक्ल, एडवोकेट पी के मिश्र, सुधीर यादव, सुधांशु, विजय बहादुर सिंह, सुशील त्रिपाठी, आलोक, कुलदीप यादव, प्रतिमाही मिश्रा, एडवोकेट समता शर्मा, आदित्य सिंह, रमेश सिंह, जुगल किशोर, पुनीत दीक्षित, सुरेश कुशवाहा, विवेक पान्डेय, लाल बिहारी, नमन यादव, अय्यूब खान, राम सिंह एडवोकेट सहित सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे।