आज पी.डब्लू.डी. गेस्ट हाउस में अधिवक्ताओं द्वारा प्रेसवार्ता की गई। प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए एडवोकेट आदर्श दीपक मिश्र ने कहा कि आम जनता को न्याय दिलाने के लिए पहली और अन्तिम सीढ़ी ही अधिवक्ता है, जैसा कि आपको पता है कि जनपद सीतापुर अधिवक्ताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच कहा सुनी व धक्का मुक्की की घटना हुई थी उसके उपरान्त सीतापुर के पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी ने कुछ वरिष्ठ अधिवक्ता बन्धुओं पर गंम्भीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के साथ- साथ ही जो मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना दी है वह अति निन्दनीय होने के साथ-साथ अक्षम्य है। आजाद भारत में ऐसा पहली बार हुआ है कि जब किसी पुलिस अधिकारी ने देश के प्रमुख स्तम्भ अधिवक्ता साथियों पर ईनामी राशि घोषित की हो और उन्होने प्रेसवार्ता के दौरान ईनामी राशि को बढ़ाने की बात की एंव अधिवक्ताओं की आम जनता में दहशद को खत्म करने जैसी बात कही है।
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे बयान की उम्मीद किसी आई.पी.एस. से नही की जा सकती है यह बयान बेहद शर्मनाक है। सीतापुर एस.पी. को तत्काल अधिवक्ताओं से माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज गरीब, मज़लूम लोगो को न्याय दिलाने के लिए सदैव तत्पर रहता है। समाज को अधिवक्ताओं से किसी प्रकार का कोई डर नही है बल्कि समाज अधिवक्ता के साथ व अधिवक्ता समाज के साथ सदैव खड़ा रहता है। कुछ ऐसे पुलिस अधिकारियों की वजह से आज समाज में पुलिस की छवि क्या है जग जाहिर है। कहा कि हम सब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग करते है कि अधिवक्ताओं से अत्याचार में शामिल पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी एंव अन्य पुलिस कर्मियों को तत्काल निलंबित कर विभागीय कार्यवाही करने के साथ-साथ उन पर मुकदमा लिखना चाहिए और वरिष्ठ अधिवक्ताओं पर लिखे गये मुकदमों को तत्काल वापस लिया जाने चाहिए। हम सभी अधिवक्ता समाज के लोग उन अधिवक्ता बन्धुओं के साथ खड़े हैं अधिवक्ता भी इंसान हैं, बेशक उनसे भी कुछ गलतियाॅ हो सकती है लेकिन इसके एवज में अधिवक्ता भाईयों के साथ आंतकियों व पेशेवर अपराधी गैंगेस्टरों जैसा दुर्व्यवहार किया गया जो अक्षम्य होने के साथ बदले की भावना के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने चेताया कि हम सब अधिवक्ता साथी चुप नही बैठेगें अधिवक्ता साथियों के हितों को लेकर आर पार की लड़ाई को लड़ने का काम करेगें और सीतापुर में होने वाली अधिवक्ता महापंचायत में जनपद हरदोई सैकड़ो अधिवक्ताओं के साथ शामिल होगा।
सरकार पर रोष प्रकट करते हुए कहा कि बी.जे.पी. और योगी सरकार सोई हुई है उसे अधिवक्ताओं के मान सम्मान से कोई सरोकार नही रह गया है, सीतापुर मेें इतनी गंम्भीर घटना होने के बावजूद बी.जे.पी. सरकार चुप बैठकर तमाशा देख रही है। अगर पुलिस अधीक्षक के खिलाफ कठोर कार्यवाही नही हुई तो देश प्रदेश के अधिवक्ता भाई होने वाले 2019 में लोकसभा के चुनाव में भाजपा का पूरी तरीके से विरोध करेगें, क्योकि वह हमारे अधिवक्ता समाज पर हो रहे अन्याय एंव अत्याचार को देखकर चुपचाप बैठी है।
प्रेसवार्ता के दौरान प्रमुख रूप से एडवोकेट चंद्रशेखर पाल, एडवोकेट कृष्णकांत मिश्र, एडवोकेट विजय पाण्डेय, एडवोकेट योगेश सिंह, एडवोकेट शिवमोहन शुक्ला, एडवोकेट राजीव सिंह, एडवोकेट जर्नादन शुक्ला, एडवोकेट रामजी अवस्थी, एडवोकेट पुनीत कुमार दीक्षित, एडवोकेट आलोक श्रीवास्तव, एडवोकेट साहब हसन, एडवोकेट राजीव कश्यप, एडवोकेट अमित अग्निहोत्री, एडवोकेट सुशील त्रिपाठी, एडवोकेट अय्यूब खान, एडवोकेट सत्यम मिश्रा सहित तमाम अधिवक्ता उपस्थित रहे।