क्रिकेट विश्व कप 2007 : भारत के लिए था काला अध्याय, ऑस्ट्रेलिया बना था चौथी बार विजेता

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नौवां क्रिकेट विश्व कप (आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2007): वर्ष 2007 के क्रिकेट विश्व कप का आयोजन पहली बार वेस्टइंडीज द्वारा किया गया। किसी प्रायोजक के नहीं होने की वजह से इसका नाम आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2007 रखा गया था। पहली बार विश्व कप में 16 टीमों ने हिस्सा लिया था। दस टेस्ट खेलने वाले देशों के अलावा बरमुडा, कनाडा, हॉलैंड, आयरलैंड, केन्‍या और स्‍कॉटलैंड की टीमें क्रिकेट विश्व कप 2007 का हिस्सा बनीं।

क्रिकेट विश्व कप 2007 में टीमों को चार ग्रुप में बांटा गया था, जिसमें से प्रत्येक ग्रुप की शीर्ष दो टीमों को सुपर आठ में शामिल किया गया। भारत और पाकिस्‍तान की टीम इस बार सुपर आठ में भी प्रवेश नहीं कर सकी थीं क्‍योंकि भारत को बांग्‍लादेश और पाकिस्‍तान को आयरलैंड ने लीग चरण में हराया था। भारत और पाकिस्‍तान दोनों को अपने-अपने 3 मैचों से में एक में ही जीत मिली थी, जिसके कारण उन्‍हें पहले दौर से ही बाहर होना पड़ा था।

क्रिकेट विश्व कप 2007 के सेमीफाइनल चरण में न्‍यूजीलैंड, श्रीलंका, ऑस्‍ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका की टीमों ने प्रवेश किया था। फाइनल मुकाबला ऑस्‍ट्रेलिया और श्रीलंका के मध्य खेला गया था। फाइनल मुकाबले में बारिश के कारण मैच को घटाकर 38 ओवर का कर दिया गया था। कप्तान रिकी पोंटिंग के नेतृत्त्व में ऑस्‍ट्रेलिया ने पहले खेलते हुए एडम गिलक्रिस्‍ट के 149 रन की बदौलत कुल 281 रन बनाए थे। जवाब में श्रीलंका ने आठ विकेट खोकर 36 ओवर में मात्र 215 रन ही बनाए थे और पुनः बारिश के कारण डकवर्थ लुईस नियम के तहत ऑस्‍ट्रेलिया को 53 रनों से विजेता घोषित कर दिया गया था।

क्रिकेट विश्व कप 2007 को जीतकर ऑस्‍ट्रेलिया ने लगातार तीसरे बार और कुल मिलाकर चौथी बार विश्‍व कप पर कब्‍जा किया था। ज्ञातव्य हो कि वेस्ट इंडीज के कप्तान क्लाइव लॉयड द्वारा वर्ष 1975 और 1979 के क्रिकेट विश्व कप जीतने के बाद ऐसा पहली बार हुआ कि किसी कप्तान (रिकी पोंटिंग) के नेतृत्त्व में दो बार विश्व कप जीता गया हो।

क्रिकेट विश्व कप 2007 में पाकिस्‍तान के कोच बॉब वूल्‍मर की संदिग्‍ध हालातों में मौत हो गई थी।

भारत के लिए काला दिन

17 मार्च 2007 का वो दिन शायद ही कोई भुला सकता है, जब वेस्टइंडीज के पोर्ट ऑफ स्पेन में टीम इंडिया ने विश्व कप का सबसे बड़ा उलटफेर झेला था। सितारों से सुसज्जित टीम इंडिया 2007 विश्व कप में संघर्ष कर रही थी।

टीम इंडिया के दिग्गज खिलाड़ियों ने इस समय को गुरु ग्रेग चैपल के कारण भारतीय क्रिकेट का काला समय घोषित किया था। चैपल से विवाद के कारण टीम एकजुट नहीं थी, जिसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ा।

किसी को उम्मीद नहीं थी कि 2003 विश्व कप का उपविजेता एक ऐसी टीम से मात खा जाएगा जिसके जीतने की कभी उम्मीद ही नहीं की जा सकती हो। जी हां, 17 मार्च 2007 का वह दिन जब टीम इंडिया ने विश्व कप का सबसे बड़ा उलटफेर झेला। टीम इंडिया को बांग्लादेश जैसी कमजोर टीम के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी थी।

टीम इंडिया पहले बल्लेबाजी करते हुए 49.3 ओवर में 191 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। जवाब में बांग्लादेश ने तमीम इकबाल (51), मुश्फिकुर रहीम (56*) और शाकीब अल हसन (53) की शानदार अर्धशतकीय पारियों की बदौलत 9 गेंद शेष रहते 5 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल किया।

इस जीत के साथ बांग्लादेश ने बड़ा उलटफेर करते हुए भारत को इस टूर्नामेंट के पहले ही दौर से बाहर कर दिया। भारत की तरफ से सौरव गांगुली (66) और युवराज सिंह (47) ने रन बनाए थे। हालांकि, 2007 विश्व कप की खिताब पर तीन बार (1987, 1999, 2003) की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ने कब्जा जमाया। ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल में श्रीलंका को हराकर चौथी बार वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया।

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