पहले वन डे 6 विकेट से जीता भारत ने, धोनी- जाधव ने दिलाई जीत

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केदार जाधव (नाबाद 81) और महेंद्र सिंह धोनी (नाबाद 59) की जोड़ी ने एक बार फिर संघर्षपूर्ण साझेदारी करते हुए पहले वनडे में आस्ट्रेलिया के खिलाफ हार की तरफ बढ़ती दिख रही भारतीय टीम को छह विकेट से जीत दिला दी।

राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में शनिवार को खेले गए इस मैच में भारत ने अस्ट्रेलिया को निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 236 रनों पर रोक दिया और फिर इस लक्ष्य को 48.2 ओवरों में चार विकेट खोकर हासिल कर लिया।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारत ने एक समय 99 रनों पर ही चार विकेट खो दिए। उसकी जीत का दारोमदार अनुभवी धोनी और जाधव पर था। इन दोनों ने उम्मीदों को जाया नहीं किया और पांचवें विकेट के लिए 141 रनों की साझेदारी कर टीम को जीत दिलाई। इस जीत के साथ ही भारत ने पांच मैचों की वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त ले ली है।

जाधव ने अपनी शानदार पारी में 87 गेंदों का सामना करते हुए नौ चौके और एक छक्का लगाया। वहीं धोनी ने 72 गेंदें खेलीं जिनमें से छह पर चौके और एक पर छक्का मारा।

इससे पहले मोहम्मद शमी, कुलदीप यादव समेत गेंदबाज़ों की शानदार गेंदबाज़ी से भारत ने ऑस्ट्रेलिया को पांच मैचों की वनडे सीरीज़ के पहले मुकाबले में 236 रनों पर रोका था। ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए उस्मान ख्वाजा के अर्धशतक और मैक्सवेल की 40 रनों की पारी के अलावा कोई भी बल्लेबाज़ कमाल नहीं कर सका।

टी20 सीरीज़ को 2-0 से अपने नाम करने के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम ने पहले वनडे में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी चुनी। लेकिन उनके कप्तान एरॉन फिंच का खराब समय खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा। अभी मेहमान टीम स्कोरबोर्ड पर एक भी रन नहीं जोड़ पाई थी कि फिंच, बुमराह की गेंद पर विकेटों के पीछे कैच थमा बैठे।

ये फिंच का 100वां मैच था लेकिन वो यहां खाता भी नहीं खोल सके। पहला विकेट गिरने के बाद पावरप्ले के पहले 6 ओवरों में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ उस्मान ख्वाजा और मार्कस स्टोइनिस ने संभलकर बल्लेबाज़ी की और महज़ 14 रन ही जोड़े।

लेकिन इसके बाद इन दोनों ने रफ्तार पकड़ी और टीम को पटरी पर लाने का काम किया। दोनों बल्लेबाज़ ने दूसरे विकेट के लिए 87 रनों की अहम साझेदारी निभाई। लेकिन इसके बाद गोल्डन आर्म केदार जाधव ने एक बार फिर से कप्तान विराट कोहली का काम आसान किया और स्टोइनिस को कप्तान के हाथों की कैच करवाकर इस साझेदारी को तोड़ा। स्टोइनिस ने 53 गेंदों में 37 रनों की पारी खेली।

इस विकेट के गिरते ही कुलदीप यादव को भी पहली सफलता मिल गई। जैसे ही उस्मान ख्वाजा ने अपना अर्धशतक पूरा किया, कुलदीप की गेंद पर बाउंड्री पर खड़े विजय शंकर ने दौड़ लगाते हुए ख्वाजा का ऐसा कैच पकड़ा कि मानो सभी उनकी तारीफ में जुट गए। 97 स्कोर तक ऑस्ट्रेलिया 3 विकेट गंवाकर एक बार फिर से मुसीबत में नज़र आई।

लेकिन फिर ग्लेन मैक्सवेल ने पारी को संभाला और पीटर हैंड्सकॉम्ब के साथ टीम को 130 रनों के पार लेकर गए। लेकिन इसके बाद कुलदीप यादव की गेंद पर लगातार असहज दिख रहे हैंड्सकॉम्ब बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में धोनी के हाथों स्टम्प आउट हो गए। उन्होंने 30 गेंदों में 19 रन बनाए।

इसके बाद मैक्सवेल ने पहला मैच खेल रहे टर्नर के साथ पारी को आगे बढ़ाया और 169 रनों तक लेकर गए। मैक्सवेल आज एक बार फिर से फॉर्म में नज़र आ रहे थे। 169 के स्कोर पर आते ही मोहम्मद शमी की कसी गेंदबाज़ी का फल उन्हें मिला और शमी ने टर्नर(21 रन, 23 गेंद) को बोल्ड कर टीम इंडिया को पांचवी सफलता दिला दी।

टर्नर के विकेट के 4 रन बाद ही शमी ने पारी का सबसे बड़ा विकेट झटक ऑस्ट्रेलियाई टीम का बड़ा स्कोर खड़ा करने का सपना तोड़ दिया। उन्होंने उनके सबसे सफल बल्लेबाज़ मैक्सवेल को क्लीन बोल्ड किया और भारत की मैच में शानदार वापसी करवा दी। मैक्सवेल ने 51 गेंदों में 5 चौको के साथ 40 रन बनाए।

हालांकि 173 के स्कोर पर 6 विकेट गंवाने के बाद एलेक्स कैरी(36 रन*) और नैथन कुल्टर नाइल(28 रन) के बीच शानदार 62 रनों की साझेदारी हुई और दोनों ने टीम को 236 रनों तक पहुंचाया। लेकिन फिर भी वो लक्ष्य इतना बड़ा नज़र नहीं आता कि भारत के लिए मुश्किल खड़ी करे।

237 रनों का लक्ष्य इस लिहाज़ से भी बड़ा नहीं है क्योंकि राजीव गांधी क्रिकेट स्टेडियम पर अब तक सबसे कम लक्ष्य जो डिफेंड किया गया है वो 290 है।

भारत के लिए जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और कुलदीप यादव ने दो-दो विकेट अपने नाम किए। केदार जाधव को एक विकेट मिला।