अश्क़ मेरे अभी तक रुके ही नहीं,,,,,,

अश्क़ मेरे अभी तक रुके ही नही, प्रेम तुझसे मुझे इस कदर हो गया। सांस लेता हूँ तो मुझे लगता यही, साथ तेरे मेरा एक सफ़र...

क्या है अस्तित्व मेरा

मैंने तो अभी जन्म भी नही लिया तो घरवालो ने, लड़का नही लड़की हुई है माँ को ये बोल कर, कितने ताने दिये, पापा भी ख़ुश...

तुम लहरों सी टकराती हो

तुम लहरों सी टकराती हो, मैं मिट्टी सा बह जाता हूँ। देखोगे सतह में आकर जो, एक दूजे में मिल जाता हूँ।।1 तुम ज़रा ज़रा से क्षणिकों में, मुझे...

मोह के महीन तागों से

मोह के महीन तागों से बुना है मैंने एक खूबसूरत जाल अपने इर्द गिर्द सतरंगी सपनों का अहसास नेह से महकते भावों का अनोखा भ्रमजाल उलझी दिनरात करती प्रतीक्षा हटेंगे जाले मिटेगा भ्रम पा लूंगी...

“कहकर मिथ्या”

कहकर मिथ्या खुद को खो दूँ सच कह दूँ तो रिश्ते टूटे, इससे तो चुप रहना बेहतर रूठे न कोई, ना संग छूटे। जब शब्दों से ना बात...

एक सड़क की दास्तान

रोज़ लोगों के पैरों तले रौंदी जाती कितनों को उनकी मंजिल तक पहुंचाती, कई अन्य जो भ्रमवश भटक जाते उनको भी सही राह दिखाती। स्वयम् तो हूँ माध्यम...

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