निष्प्रयोज्य पुस्तकें अभावों में जी रहे बालक/बालिकाओं को दान करें : पुलकित खरे

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निष्प्रयोज्य पुस्तकें अभावों में जी रहे बालक/बालिकाओं को दान करें : पुलकित खरे
शिक्षण संस्थाओं व स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ बैठक में डीएम ने की भावुक अपील
अन्तर्ध्वनि भी है अभियान का हिस्सा, निष्प्रयोज्य पुस्तकें आप हमारे कलेक्शन सेंटर्स पर दे सकते हैं
आज जनपद की शिक्षण संस्थाओ, स्वयं सेवी संस्थाओं के साथ ज़िलाधिकारी पुलकित खरे ने बैठक की व अपील की कि निष्प्रयोज्य पुस्तकें अभावों में जी रहे बालक/बालिकाओं के लिए दान करें। साथ ही स्वच्छता अभियान को लेकर कहा कि शहर के हर चौराहे को शिक्षण संस्थान या फिर स्वयं सेवी संस्था एडॉप्ट कर ले व वहां स्वच्छता से जुड़ी किसी भी तरह की एक्टिविटी संचालित करे। शिक्षण संस्थानों में आर्य कन्या डिग्री कॉलेज, आर्य कन्या इंटर कॉलेज, गंगा देवी इंटर कॉलेज, एएसवीवी कॉलेज, आर आर कॉलेज, एसडी कॉलेज, लाल बहादुर शास्त्री, जीआईसी तो स्वयं सेवी संस्थाओं में लायंस क्लब हरदोई विशाल, भारत विकास परिषद, अन्तर्ध्वनि जन कल्याण समिति, श्री सरस्वती सदन, प्रतिबिंब, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन मौजूद रहे।
साथ ही ज़िलाधिकारी ने अपील करते हुए कहा कि जनपद के समस्त नागरिकों का ध्यान एक ऐसे संवेदनशील एवं विचारणीय मुद्दे की ओर आकृष्ट कराया जा रहा है जो मानवता के साथ साथ सामाजिकता से भी जुड़ा है। आप सभी ने अनुभूत किया होगा कि बहुत से प्रतिभाशाली बच्चे निर्धनता,विपन्नता एवं संसाधनों के अभाव में शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। ऐसे बच्चे युवा होने पर शिक्षित ना होने के कारण सामाजिक व आर्थिक रूप से असफल होने पर कुंठा से ग्रस्त हो जाते हैं और उनमें से कुछ पथभ्रष्ट होकर दुर्व्यसनी वअपराधी बन जाते हैं जो सभ्य समाज के लिए अभिशाप है।
उन्होंने कहा कि, जिला प्रशासन ऐसे बच्चों को शिक्षित बनाकर उनके उत्थान हेतु प्रतिबद्ध है। इस संबंध में जनपद के सभी संभ्रांत नागरिकों व्यापारियों, बैंकर्स, चिकित्सकों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा जनमानस आदि से अपील है कि ऐसे बच्चों की शिक्षा के लिए अधिक से अधिक पुस्तकों का संकलन करके जिला प्रशासन के इस मानवतापरक कार्य में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।
अपील को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि जनपद के बहुत से अभिभावकों के बच्चे उच्च कक्षाओं में पहुंच गए होंगे और उनकी पिछली कक्षाओं की पुस्तकें निष्प्रयोज्य पड़ी होंगी। ऐसे अभिभावकों से विनम्र आग्रह है कि पुरानी पुस्तकों का दान करके निर्धन बच्चों की शिक्षा में सहभागी बनें। श्रद्धानुसार नई पुस्तकें भी दानस्वरूप दी जा सकती हैं। जनपद का हर व्यक्ति एवं परिवार एक/अधिक पुस्तक दान करता है तो उस किताब के ज्ञान से किसी बच्चे के जीवन में प्रकाश लाया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि “पुस्तक दान महादान” अभियान 30 सितंबर 2018 तक चलेगा। गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को पुस्तकों से जनपद के 20 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों, संप्रेक्षण गृह तथा अल्प वयस्क बंदीगृह में लघु पुस्तकालय (मिनी लाइब्रेरी) की स्थापना की जाएगी ताकि इन संस्थानों के बालक/बालिकाएं पुस्तकों के अभाव में शिक्षा से वंचित न रह जाएं।
अंत मे उन्होंने कहा कि इस पुनीत कार्य में आपकी सहभागिता पूज्य बापूजी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
अन्तर्ध्वनि भी इस पुनीत कार्य मे पूर्णतयः सहयोगी है। आपके पास भी अगर निष्प्रयोज्य पुस्तकें हैं तो ज़रूर दान करिए। आप यहां कमेंट बॉक्स में भी बता सकते हैं, साथ ही हमारे कलेक्शन सेंटर्स अन्तर्ध्वनि कार्यालय, स्वर्णकार धर्मशाला गली, जनता डिजिटल पॉइंट सिनेमा रोड पर भी दे सकते हैं। आप हमें व्हाट्सएप्प नंबर 700 794 6495 पर भी सूचित कर सकते हैं।