गोवर्धन पूजा का महत्व व शुभ मुहुर्त

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गोवर्द्धन पूजा के दिन गाय-बैलों की पूजा की जाती है। इस पर्व को ‘अन्‍नकूट’ के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन सभी मौसमी सब्‍जियों को मिलाकर अन्‍नकूट तैयार किया जाता है और भगवान को भोग लगाया जाता है। फिर पूरे कुटुंब के लोग साथ में बैठकर भोजन ग्रहण करते हैं। मान्‍यता है कि अन्‍नकूट पर्व मनाने से मनुष्‍य को लंबी उम्र और आरोग्‍य की प्राप्‍ति होती है। यही नहीं ऐसा भी कहा जाता है कि इस पर्व के प्रभाव से दरिद्रता का नाश होता है और सुख-समृद्धि की प्राप्‍ति होती है। ऐसा माना जाता है कि अगर इस दिन कोई मनुष्य दुखी रहता है तो साल भर दुख उसे घेरे रहते हैं। इसलिए सभी को चाहिए कि वे भगवान श्रीकृष्‍ण के प्रिय अन्नकूट उत्सव को प्रसन्‍न मन से मनाएं।  इस दिन भगवान कृष्‍ण को नाना प्रकार के पकवान और पके हुए चावल पर्वताकार में अर्पित किए जाते हैं। इसे छप्पन भोग की संज्ञा भी दी गई है। इसी दिन शाम को दैत्‍यराज बलि के पूजन का भी विधान है।
गोवर्द्धन पूजा की तिथि और शुभ मुहूर्त 
प्रतिपदा तिथि प्रारंभ: 7 नवंबर 2018 को रात 09 बजकर 31 मिनट से।
प्रतिपदा तिथि समाप्‍त: 8 नवंबर 2018 को रात 09 बजकर 07 मिनट तक।
गोवर्द्धन पूजा का प्रात: काल मुहूर्त : 08 नवंबर 2018 को सुबह 06 बजकर 39 मिनट से 08 बजकर 52 मिनट तक।
गोवर्द्धन पूजा का सांयकालीन मुहूर्त: 08 नवंबर 2018 को दोपहर 03 बजकर 28 मिनट से शाम 05 बजकर 41 मिनट तक।