मुख्यमंत्री योगी ने हरदोई के आर्यन सिंह से पूछा, बताइए किस प्रकार मैं आपकी सहायता कर सकता हूँ?

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मुख्यमंत्री ने आर्यन सिंह को बुला कर दी बधाई

हरदोई के आर्यन सिंह द्वारा रिबन पर भागवद्गीता लिखकर बनाए गए विश्व रिकॉर्ड की प्रशंसा करते हुए उत्तम भविष्य की कामना के साथ आगे के कार्यों के लिए मुख्यमंत्री ने खुद प्रेरणा स्रोत बन कर आशीर्वाद दिया और पूछा कि मैं किस प्रकार सहयोग कर सकता हूं?
मुख्यमंत्री योगी ने आर्यन की इच्छा जाननी चाही तो जवाब में आर्यन सिंह ने मुख्यमंत्री से निवेदन करते हुए कहा कि मुझे आशीर्वाद दें। मुख्यमंत्री ने बेहद खुश होकर आगे भी समय देने का वायदा किया और कहा कि वे हमेशा आर्यन जैसे युवा के साथ हैं। उन्होंने आर्यन से कहा कि कि वे अपने हर कार्य को लगन व दृढ़ संकल्प से करें ताकि हिंदुस्तान का नाम विश्व में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाए। उन्होंने जोड़ा कि आर्यन से सीख कर हर युवा को दृढ़ संकल्प लेकर लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। उन्होंने सीख देते हुए कहा कि जिस क्षेत्र में युवा कार्य करें, लक्ष्य सबसे बड़ा होना चाहिए। लगभग 1 घंटा 10 मिनट तक चली मीटिंग में मुख्यमंत्री द्वारा आर्यन से बहुत सारे प्रश्न किए गए जिनके जवाब काफी संजीदगी से आर्यन ने दिए। प्रतिउत्तर में मुख्यमंत्री ने आर्यन को समाज और देश के प्रति काफी गंभीर बताया व उन्हें समाज में सनातन धर्म व संस्कारों के निर्माण का प्रतीक बताया। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने आर्यन सिंह से हरदोई जनपद की भी काफी जानकारियां ली। आर्यन ने जिला अधिकारी पुलकित खरे की खुले दिल से तारीफ़ की व उन्हें युवाओं का प्रेरणास्रोत कहकर संबोधित किया। लगे हाथों आर्यन ने मुख्यमंत्री से निवेदन भी किया कि वे जिलाधिकारी हरदोई का सहयोग करें ताकि हरदोई को देश-विदेश में एक नई पहचान दिलाई जा सके।
आर्यन के साथ पहुंचे मुख्यमंत्री के सबसे करीबी महंत कौशलेंद्र गिरी जो अपने जनपद बलिया के आसपास ‘छोटे मुख्यमंत्री’ के रूप में जाने जाते हैं, ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया आर्यन सिंह जैसी उभरती प्रतिभाओं को मुख्यमंत्री काफी गंभीरता से लें व ज़रूरत पड़ने पर पूरा सहयोग करें। इस अवसर पर आर्यन ने मुख्यमंत्री को भागवद्गीता भेंट की। आशीर्वाद देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा हर व्यक्ति को गीता को अपने अंदर उतारने की ज़रूरत है। आर्यन ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि उन्हें लगा जैसे वे अपने गुरु से मुलाकात कर रहे हैं।