लखनऊ का दिल कहा जाने वाले हजरतगंज चौराहा अब अटल चौक के नाम से जाना जाएगा।
लखनऊ की मेयर संयुक्ता भाटिया ने इस फैसले पर मुहर लगा दी है। महापौर ने कार्यकारिणी सदस्यों, सभी पार्षदों एवं लखनऊ की जनता की इच्छाओं को ध्यान में रखते हुए आज हज़रतगंज चौराहे के नाम अटल चौक रखने की आधिकारिक घोषणा की। कार्यकारिणी समिति ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर हजरतगंज चौराहे का नाम अटल चौक रखने पर सहमति जताते हुए मेयर को अंतिम निर्णय के लिए अधिकृत कर दिया था। मेयर ने बताया कि हजरतगंज चौराहे को अटल चौराहे से ही अब जाना जाएगा। उन्होंने इस पर अपनी सहमति दे दी है।
नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में भाजपा पार्षद दल के साथ-साथ सम्पूर्ण विपक्ष के पार्षदों ने हज़रतगंज चौराहे के नाम बदलकर अटल चौक रखने की सहमति जताई थी। सभी पार्षदों ने अटल बिहारी बाजपेई के नाम पर लखनऊ के विभिन्न सड़क, मार्ग, चौराहों, पार्क आदि के नामकरण के लिए प्रस्ताव भेजा था।
संयुक्ता भाटिया ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी लखनऊ से पांच बार सांसद रहे हैं और नगर निगम के भी 5 बार सदस्य चुने गए। वे लखनऊ के थे लखनऊ के हैं और लखनऊ के ही रहेंगे। उन्होंने बताया कि वह खुद को लखनऊ से बहुत जुड़ा हुआ मानते थे।
साथ ही बताया कि उनकी यादों को संजोने के लिए कई कार्य किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि इसकी शुरुआत लखनऊ के दिल कहे जाने वाले सबसे बड़े चौराहे का नाम बदल कर अटल चौक रख कर किया गया है। आगे भी स्मृति उपवन का नाम अटल स्मृति उपवन रखा जाएगा जिसमें उनकी 51 कविताएं होंगी उनके भाषण समेत तमाम चीज़े होंगी जिससे लोग वहां जाए और कुछ सीख कर आयें। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही भव्य स्मारकों के निर्माण और तमाम विकास परियोजनाओं को भी उनका नाम देने की तैयारी भी शुरू हो रही है जो कि धीरे-धीरे होगा।
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