हिंदी दिवस पर कवि शिवम शांडिल्य की कविता

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राष्ट्र की आत्मा का मान हिंदी है !
विश्वभर में हिन्द की पहचान हिंदी है !

बिस्मिल और भगत की क्रांति का उद्घोष हिंदी है !
स्वतंत्रता के युद्ध का जयघोष हिंदी है !

जीवित रहा इतिहास प्राणायाम हिंदी है !
विश्व में शोध के साहित्य का आयाम हिंदी है !

महाग्रंथों के भावों का अतुल श्रृंगार हिंदी है !
सभी वेदों ऋचाओं का समूचा सार हिंदी है!

सुरों लय तान का सर्वोत्तम उपयोग हिंदी है !
लेखनी का महानतम प्रयोग हिंदी है !

भाषा भाव की श्रेष्ठ संवाहक तो हिंदी है !
मय से अधिक मदिरा मादक है तो हिंदी है !

हर अर्थ प्रतिपादन में समर्थ हिंदी है !
प्रत्येक शब्द का अपना अनोखा अर्थ हिंदी है !

उदित होते हुए दिनकर का रक्तिम रूप हिंदी है !
प्रफुल्लित पुष्प पर गिरती चमकती धूप हिंदी है !

कोई गंगा हिमालय से निकलती है तो हिंदी है !
कोई हिमखंड क्षण भर में दरकता है तो हिंदी है !

कदंबों पर कोई मर्कट उछलता है तो हिंदी है !
कोई केसर हवाओं में महकता है तो हिंदी है !

शिवताण्डवों का वर्णन प्रलयंकर है तो हिंदी है !
रणभूमि में गांडीव भयंकर है तो हिंदी है !

कभी कोई भयावह ध्वनि सुनाई दे तो हिंदी है !
हिरण को सिंह दौड़ाता दिखाई दे तो हिंदी है !

मनोरम दृश्य के अंतर का सारा शोर हिंदी है!
किसी अट्टालिका का अंत वाला छोर हिंदी है !

निर्गुण प्रेमगीतों का सौष्ठव सूत्र हिंदी है !
प्रेमरहस्य वर्णन की सरलता मात्र हिंदी है !

गीत की रागिनी संतृप्त करती है तो हिंदी है!
तरिणी काव्य की उर में उतरती है तो हिंदी है !

भ्रमर कोई कुमुदिनी पर मचलता है तो हिंदी है !
कोई लेखक मनोहर लेख लिखता है तो हिंदी है !

एकओर विश्व की सब बोलियां एक ओर हिंदी है !
अनगिनत दीपकों में एक मात्र विभोर हिंदी है !

निरी अंग्रेज़ियत का बोझ ढ़ोती है वो हिंदी है!
दमन के बाद भी जीवित रही जो शक्ति हिंदी है !

हज़ारों बोलियां जिसमे समाहित हैं वो हिंदी है !
विश्व भर में जिसके शब्द निर्यातित हैं वो हिंदी है !

पश्चिम के तामसी रूप का प्रतिकार हिंदी है !
विदेशी शक्तियों का कर सके संहार हिंदी है !

युवाओं के भविष्यों का दृढ़ आधार हिंदी है!
हिन्दू सभ्यताओं का बेड़ापार हिंदी है !

जगाओ प्रेम हिंदी से , हताहत आज हिंदी है !
हमारी है मगर होकर भी आहत आज हिंदी है !

लिखो हिंदी ,पढ़ो हिंदी , सुनो आसान हिंदी है !
न हिंदू है न मुस्लिम हिन्द की पहचान हिंदी है!

मेरी शान हिंदी है , मेरी आन हिंदी है !
मेरी ताक़त , मेरा अभिमान , मेरी जान हिंदी है !

– ©Kavi Shivam Shandilya