इंडियन रोटी बैंक की तीसरी वर्षगाँठ मनाई गई

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इंडियन रोटी बैंक ने सफ़लतम 3 साल पूर्ण कर लिए हैं। बचे हुए खाने को एकत्रित कर भूखों और बेसहारा लोगों को खाना ख‍िलाने की मुह‍िम का नाम है ‘इंड‍ियन रोटी बैंक’। इंडियन रोटी बैंक के  संस्थापक व‍िक्रम पांडे के अनुसार तीन साल पहले यात्रा के दौरान रेलवे स्टेशन पर एक लड़की म‍िली थी। भूखी थी, इसलिए उन्होंने उसे खाना ख‍िलाया। इसके बाद उनके मन में बात आई क‍ि पता नहीं क‍ितने ऐसे बेसहारा लोग होंगे, जो भूख से ब‍िलख रहे होंगे। फ‍िर उनके द‍िमाग में रोटी बैंक बनाने का आइड‍िया, जो आज ‘इंड‍ियन रोटी बैंक’ के नाम से मशहूर हो गया। अब भूखों को खाना ख‍िलाना ही उनका जुनून बन गया है। वे बताते हैं कि पहले उन्होंने उस लड़की का मजाक उड़ाया था, लेकिन उसकी ही वजह से इस परिकल्पना को मूर्तरूप मिला। वे बताते हैं कि कंपार्टमेंट में जब वेटर स्नैक्स आद‍ि पूछने के लिए आया तो उनके मन में एक बात आई क‍ि वे एसी गाड़ी में कम्बल और बेड पर आराम से खा पी रहे हैं। न जानें उस लड़की के जैसे और कितने लोग होंगे, जो भूखे ही रहते होंगे। उसी वक्त उन्होंने ऐसे लोगों के लिए कुछ करने का मन बना लिया, लेकिन प्लान नहीं था। और इसके बाद उन्होंने प्लान बनाया और इस तरह सामने आई ‘इंडियन रोटी बैंक’।

तीन वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में वर्षगांठ को स्थानीय श्रीश चंद्र बारात घर के प्रांगण में आयोजित किया गया। इस बार सुदूर प्रदेशों से मेहमान शरीक होने आए थे। आज तक व तेज़ चैनल की एंकर निदा अहमद मौजूद थीं। वे बैंक की ब्रांड एम्बेसडर भी हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी के पूर्व अध्यक्ष अरुण हुड्डा मौजूद रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में अनुभवों को बांटा। वीमेन कमीशन ऑफ़ इंडिया की एक्स मेंबर शमीना शफ़ीक़ भी मौजूद रहीं। उन्होंने रोटी बैंक के प्रयास को सराहनीय बताया। थिएटर आर्टिस्ट, डांस स्पेशलिस्ट व यू पी पुलिस में डीजी महेंद्र मोदी की पत्नी सीमा मोदी मौजूद रहीं। उन्होंने मज़लूमों के लिए एक शैक्षिक अभियान का भी ज़िक्र किया, जो रोटी बैंक द्वारा ही संचालित होगा। मुख्य आकर्षण मेजर आशीष चतुर्वेदी रहे। मेजर आशीष ने अकेले ही कारगिल युद्ध में कई आतंकवादियों को मौत के घाट उतारा था। अब वीआरएस लेकर भूतपूर्व सैनिकों का संघ बनाकर राष्ट्रीय स्तर पर कार्य कर रहे हैं। वे रोटी बैंक के संरक्षक हैं। उन्होंने रोटी बैंक के कार्यों की सराहना की व संस्थापक विक्रम के हौसले को सराहा।इ

इस अवसर पर संस्थापक विक्रम पांडेय ने सभी का आभार व्यक्त किया व रोटी बैंक के क्रियाकलापों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 8 प्रदेश व 70 जिलों से आगे बढ़कर उन्हें रोटी बैंक की शाखाएं हर प्रदेश व जनपद में खोलनी हैं।