हरदोई : गौरव जनकल्याण समिति ने सम्मानित किया जनपद की विभूतियों को, मुख्य अतिथि के तौर पर रहे पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री के पुत्र अनिल शास्त्री

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देश के चाहे जितने महत्वपूर्ण पद हो व्यक्ति को सौम्यता, सरलता व शालीनता नहीं छोड़नी चाहिए उक्त उदगार कल गौरव जनकल्याण संस्थान के द्वितीय वार्षिकोत्सव सम्मान समारोह के अवसर पर पूर्व केन्द्रीय मन्त्री व पूर्व प्रधान मन्त्री लाल बहादुर शास्त्री के पुत्र अनिल शास्त्री ने व्यक्त किए।
उन्होने कहा कि हर व्यक्ति को अपने में सुधार लाने से ही देश का विकास संभव है। अपने बापू जी(शास्त्री जी) से प्रेरणा परक अनिल शास्त्री ने उनके एक प्रसंग पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ‘‘एक बार जब मैं 16 वर्ष का था व मेरे बापू जी देश के प्रधानमन्त्री थे मैने चुपके से गाड़ी चलाना सीख लिया व लाइसेंस भी बनवा ली देर रात जब बापू जी घर आये तो उन्हे मैने बताया कि मैने अपनी ड्राइविंग लाइसेन्स बनवा ली है। इस पर वह गम्भीर हो गये, मैंने पूछा आप खुश नही हैं तो उन्होने कहा कि देश के प्रधानमन्त्री जी स्वयं नियम बनाते है उन्हीं के प्रांगण में नियमों का उलंघन किया जा रहा है! कैसी विडम्बना है’’ उसके बाद अनिल शास्त्री जी ने हमेशा नियम का पालन करना सीख लिया।
दो दिवसीय कार्यक्रम का शुभारम्भ बाबा रामदास आश्रम रामनगर नीर रोड में बने चित्रगुप्त मन्दिर में रामचरित मानस अखण्ड पाठ से किया गया। संस्थान के अध्यक्ष गिरीश चन्द्र श्रीवास्तव ने सपत्नीक अखण्ड पाठ की पूजा अर्चना की। मन्दिर परिसर में वृक्षारोपण व चार बड़ी मरकरी लाइटों को दान किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत रत्न पूर्व प्रधानमन्त्री लाल बहादुर शास्त्री के पुत्र अनिल शास्त्री ने भगवान चित्रगुप्त के चित्र पर माल्यापर्ण व दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद कार्यक्रम के आयोजक जनों ने मंच पर उपस्थित अतिथि जनों अरूण प्रकाश, बी.पी. विनय श्रीवास्तव, रोमी माथुर कवियत्री (गाजियाबाद), सतीश सहाय, मनोज श्रीवास्तव, किशोर पाण्डेय, विजय श्रीवास्तव को स्मृति चिन्ह व शाल भेंट कर सम्मानित किया। अंजलि दीक्षित द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया तथा स्वागत उद्बोधन संस्था के सचिव गौरव श्रीवास्तव द्वारा किया गया। इसके उपरान्त आस्था त्रिवेदी द्वारा एक सुन्दरगीत प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व प्रधानमन्त्री के पुत्र अनिल शास्त्री द्वारा हाई स्कूल यू.पी. बोर्ड में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर सी.बी.एस.ई. में देवांग मिश्रा तथा आई.सी.एफ.ई. में सिद्धार्थ त्रिवेदी को सम्मानित किया गया। इण्टरमीडिएट में श्रद्धा सिंह गौर (उ.प्र. बोर्ड) व अरूणेश मिश्रा (सी.बी.एस.ई.) को सम्मानित किया गया।
जनपद की प्रतिभाओं को सम्मानित करने के क्रम में स्पोर्टस में जनपद का नाम रोशन करने पर पलक सिंह को ब्रेन ओ ब्रेन में मयूख राय गुप्ता, गायन में आस्था त्रिवेदी, ग्राफिक डिजाइन में शैफाली श्रीवास्तव को मंत्र से शील्ड देकर सम्मानित किया गया। सम्मान की इस श्रृंखला के मध्य शौर्य श्रीवास्तव की सुन्दर गायन प्रस्तुति को लोगों ने बहुत सराहा। सम्मान की श्रृंखला को बढ़ाते हुए मॉडलिंग में जनपद का नाम रोशन करने वाले अधिराज सिंह, चित्रकला में अभिनव श्रीवास्तव, रिबन पर गीता लिखकर विश्वरिकार्ड बनाने वाले आर्यन सिंह को मंच से सम्मानित किया गया। देशभक्ति गीत व डांस अनुष्का श्रीवास्तव द्वारा प्रस्तुत किया गया। चिकित्सा के क्षेत्र में जनपद को नया आयाम देने वाले डा.ए.पी.सिंह होम्योपैथ, पैथालॉजी में डा. आशिया आनन्द पुत्रवधू डा. आनन्द अस्थाना (नन्दू), डा. नसीम जो डा. नन्दू के प्रिय शिष्यों में से एक है को मंच से सम्मानित किया गया। समाज सेवा गरीब असहाय लोगो की मदद के लिए ‘‘नेकी की दीवार’’ संचालित करने पर सचिन मिश्रा तथा पर्यावरण क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने वाले जनपद में एक हजार पेड़ लगाकर एक अलग अलख जगाने वाले श्यामजी गुप्ता तथा सेना में मरणोपरांत सेना मेडल प्राप्त करने वाले शहीद वंशीलाल तथा शहीद आबिद के घर वालों को सम्मानित किया गया। सम्मान की बात आये और देश का किसान इससे अछूता रह जाये तो अच्छी बात नहीं। जनपद में वैसे तो बहुत से किसान हैं लेकिन आर्ग्रेनिक खेती में नया आयाम देने वाले अनुपम अवस्थी तथा नई विधि से खेती करने वाले राजेश कुमार सिंह को मंच से सम्मानित किया गया।
पत्रकारिता एवं साहित्य के क्षेत्र में नई अलख जगाने वाले राजनीश त्रिपाठी, काव्य में अजीत शुक्ला, फोटोग्राफी में अनुराग तिवारी, शिक्षा क्षेत्र में आर.डी. श्रीवास्तव तथा लोकतन्त्र सेनानी समरादित्य सिंह वरिष्ठ अधिवक्ता को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन अनिल श्रीवास्तव ने किया व आभार आलोक श्रीवास्तव ने व्यक्त किया।