अखिल भारतीय कवि सम्मेलन व मुशायरा सम्पन्न हुआ

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माधौगंज से प्रदुम्न तिवारी
अखिल भारतीय कवि सम्मेलन मुशायरा नगर के विद्यापीठ पब्लिक स्कूल में बुधवार को हुआ जिसमें दूर दूर से आए कवि एवं शायरों ने श्रोताओं को रात भर कविता पाठ एवं शेरो शायरी से ओतप्रोत किया।
मुशायरे में -शायर मंजर मलिहाबादी ने ” पहले अपने आप को खुद आज़माना चाहिए फिर दूसरों पर उंगली उठाना चाहिए” सुनाकर तालिया बटोरी। डॉक्टर जुबेर ‘संडीला’ ने पेश किया, “तुम मका कह लो ,यूं ही तान तून रखा है , कल जहां रहते थे खतूत तेरे अब वहां टेलीफोन रखा है ,ताज हमको अजीज है क्योंकि इसमें अपना ही खून रखा है “
कवि सम्मेलन में नरेश कात्यायन ने कविता पाठ कर लोगों में जोश भरा और खूब तालियां बटोरी, “ऐसी आई बाढ कि सारे सपनों के घर डूब गए, सोने के भाव चढ़ गए कंगन के स्वर डूब गए’ कविता काफी सराही गई। कवि निराला राही ने “भावना का मेरी क्या कोई भाव न, वेदना का पढा आपने वेद ना, लिख गए प्यार की आप प्रस्तावना, आज तक प्यार का भेजा प्रस्ताव ना” सुनाकर मंत्रमुग्ध कर दिया। राजेन्द्र वर्मा सुनाया
“जब से भगवे रंग ने चली चुनावी दांव हल्कू जुम्मन में ठनी देखे सारा गांव”। इसी क्रम में रामसिंह प्रेमी ने सुनाया “चमचा अगर खीर खा जाए तो मेहमानों का क्या होगा भरी रसोई सब भूखे हैं पर मिलती किसको थाली ,बना रसोईया बाजीगर है फिर भी बर्तन सब खाली”
मुशायरे की अध्यक्षता कर रहे रफी ने अध्यक्षीय पाठ पढ़ कर कवि सम्मेलन मुशायरा का समापन किया। कवि सम्मेलन व मुशायरे का संचालन योगेंद्र प्रताप ने किया। इसके पूर्व राजकरन द्वारा मां शारदे की वंदना पढ़कर कवि सम्मेलन प्रारंभ किया गया।वनगर पंचायत अध्यक्ष अनुराग मिश्रा द्वारा भी कविता पाठ किया गया।
राकेश सिंह चंदेल, राजेन्द्र सिंह चंदेल, राजेश सिंह चंदेल, डॉक्टर कन्हैयालाल शर्मा, के पी सिंह, शरद सिंह, राघवेंद्र सिंह, शुभम सिंह, रघुनंदन शर्मा, बब्बू सोनी, नफीस अहमद सहित सैकड़ों लोगो ने कवि सम्मेलन और मुशायरा का आनंद लिया।