राज चौहान/शिव यादव
आपको बताते चलें इसी सप्ताह अंतर्ध्वनि एन इनर वॉइस ने नगर पंचायत कुरसठ के मोहल्ला सुभाष नगर की लालती देवी पत्नी स्व. सरजू प्रसाद की आवाज़ बनकर शासन/प्रशासन के कानों तक बात पहुंचाने का कार्य किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लालती देवी को आवास मिले जो कि भ्रष्टाचार के चलते अब तक नही मिल सका। पर नतीजा यह रहा शासन और प्रशासन ने सुनी की अनसुनी कर दी, यहां तक कि सत्ता के मौजूदा विधायक ने यह तक कह दिया कि अगर रिश्वत नही देंगी तो आवास नही मिल सकता, तो वहीं सत्ता के ही एक विधायक प्रतिनिधि ने सूची का हवाला देते हुए कहा जिनका सूची में नाम नही उन्हें नही मिल सकता आवास पुनः सूची सुधार के लिए लिखी गई है चिट्ठी।
सोमवार लालती देवी सहित मालती, शिवप्यारी, रेशमा देवी, पुष्पा देवी, गुड्डी देवी आदि दो सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चित कालीन आमरण अनशन पर बैठ गईं। जब सूचना बिलग्राम एसडीएम सतेंद्र सिंह के पास पहुंची तो वह खुद कुरसठ धरना स्थल पहुंच गए। स्थानीय निवासियों के अनुसार एसडीएम ने धरना समाप्त करने की बात कही जब धरने पर बैठे लोगों ने कहा कि जबतक मांगे पूरी नही होंगी धरना चालू रहेगा तो उन्होंने पुलिस बल के सहयोग से धरना प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया और धरना समाप्त करने की नाकामयाब कोशिश की।
जब धरना दूसरे दिन भी जारी रहा तो एडीएम विमल अग्रवाल कल खुद धरना स्थल कुरसठ जा पहुंचे और बात सुनी। स्थानीय निवासियों ने जब लिपिक अधिकारी प्रताप नारायण द्विवेदी की पाँच- पाँच हज़ार रुपये घूस देंगे तभी आवास मिलेगा की शिकायत की तो एडीएम ने लिपिक अधिकारी की जमकर क्लास लगाई।
क्या कहा एडीएम विमल अग्रवाल ने-

मामले की जांच होगी जो आरोपी पाए जाएंगे कार्यवाही होगी। पात्रों को आवास मिलेगा। सम्बंधित अधिकारियों को जांच के दिये हैं आदेश।

क्या बोले बिलग्राम एसडीएम सतेन्द्र सिंह –
धरना स्थल पर जाकर समस्या से अवगत हुआ। लगभग पाँच घंटे गांव वालों को समझाया कि जो अपात्र हैं उन्हें नही मिल सकता जो पात्र हैं उन्हें मिलेगा। नतीजा यह है कि आज 402 आवास आवेदन आये हैं, समझाने के बाद जब नही समझे तो पुलिस बल का प्रयोग किया।
क्या थीं दो सूत्रीय मांग-
1. जो पात्र हैं उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास नही मिला पुनः सर्वे किया जाए।
2 . आवास योजना के तहत भ्रष्टाचार/ घूसखोरी समाप्त की जाए।
एक नज़र लालती देवी के हालातों पर-
लालती देवी भूमिहीन वृद्ध महिला हैं जिनके पति पूर्व में ही गुज़र चुके हैं। चार लड़के थे जिसमें तीन लड़कों की गम्भीर बीमारी के चलते पूर्व में ही मृत्यु हो गई क्योंकि ग़रीबी में इलाज़ सम्भव नही था। उस वक़्त से इस वक़्त तक दो वक़्त की रोटी ही बड़ी मुश्किल से जाती है पेट तक। मौजूदा वक़्त में एक लड़का है वह भी गम्भीर बीमारी के चलते कोई कार्य नही कर सकता। अब ऐसे में कहां से जले चूल्हा और कैसे दो वक़्त की रोटी का हो इंतज़ाम?
क्या कहा लालती देवी ने

जब तक शरीर ने काम किया दूसरों के घर काम किया जब शरीर ने साथ छोड़ दिया तो वृद्धा पेंशन का लिया सहारा अब छः माह से वह भी नही आई खाते में घर चले कैसे? 2 वक़्त की रोटी का हो इन्तज़ाम। उधार लेकर चला रहे काम। आसरा वृद्धा पेंशन का जब आएगी तो चुका देंगे पर अब उसका भी आसरा टूट रहा। घर गिर गया। खुले में लेटते पानी आता तो भीग जाते। न आवास मिल रहा न वृद्धा पेंशन। आज एडीएम साहब की बातों ने आस जगाई है शायद अब आवास मिल जाये।