केंद्र सरकार द्वारा किसानों को पेंशन देने की घोषणा के बाद किसानों का विरोध भी शुरू हो गया है। योजना को धरातल पर लागू करने से पूर्व ही किसानों ने प्रधानमंत्री को 17 रुपये के चेक भेजकर विरोध जताते हुए पेंशन राशि को नाकाफी बताया। किसान कांग्रेस के नेशनल ज्वाइंट कॉर्डिनेटर राजू मान की अगुवाई में किसानों ने एकजुट होकर कहा कि पहले सरकार उनके कर्जे माफी करे और बर्बाद फसलों का मुआवजा दे, फिर पेंशन योजना को बढ़ाकर किसानों को दें।

नेशनल किसान कांग्रेस के ज्वाइंट कॉर्डिनेटर राजू मान ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अंतरिम बजट में किसानों को छह हजार वार्षिक भत्ता देना सिर्फ जुमला है। जो आगामी चुनावों को देखते हुए किसानों के साथ धोखा किया जा रहा है। किसान को एक दिन में 17 रुपये देकर सरकार ने किसानों के घावों पर मरहम लगाने की जगह नमक छिडक़ने का काम किया है।

मान ने कहा कि इतने पैसे में किसान का परिवार एक वक्त की चाय भी नहीं पी सकता। यही वजह है आज यहां किसान 17-17 रुपये के चेक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देने आए हैं। प्रेस वार्ता में उपस्थित किसानों ने कहा कि लाखों का सूट पहनने वाले प्रधानमंत्री एक किसान के दर्द को नहीं समझ सकते।

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