पिहानी के लोगों के 37 बरस पुराने सतरंगी सपने को नहीं होने दिया प्रकाश ने श्याम

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तहसील की सूरत में सृजित किए जाने को ज़िला प्रशासन से मांगी गई औचित्यपूर्ण आख्या

हरदोई जनपद में 02 नई तहसीलों के सृजन की थी बात, आख्या/नक्शा भेजा गया था महज मल्लावां का

पिछले बरस इसी महीने की 06 अगस्त को उप मुख्यमन्त्री दिनेश शर्मा ने हरदोई दौरे के दौरान कलेक्ट्रेट सभागार में अफ़सरान और जन प्रतिनिधियों संग बैठक भी ली थी। तमाम मामलात के बीच जनपद में 02 नई तहसील सृजन का मसला भी आया था और पिहानी और मल्लावां को तहसील बनाए जाने की बात उठी थी। शर्मा ने तत्कालीन जिलाधिकारी को नई तहसीलों के सृजन की दिशा में प्रस्ताव शासन को भेजने का निर्देश दिया था। लेकिन, प्रशासन ने केवल मल्लावां को तहसील बनाए जाने की आख्या व नक्शा शासन को भेजा और उस पिहानी को नज़रअंदाज कर दिया, जिसे तहसील बनाए जाने की प्रक्रिया साल 1980 में भी पूरी हुई थी।

डिप्टी सीएम की पिछले साल बैठक के बाद तत्कालीन एडीएम बिपिन कुमार मिश्रा ने गोपामऊ विधायक श्याम प्रकाश को पत्र लिख पिहानी को तहसील बनाए जाने को लेकर सुझाव आमन्त्रित किया था। श्याम प्रकाश ने 21 अगस्त-2017 को अपना सुझाव/प्रस्ताव डीएम को अग्रसारित कर दिया था। साल भर बीता, पर श्याम प्रकाश को कोई अग्रिम कार्यवाही की जानकारी नहीं मिली। उन्होंने राजस्व परिषद में जानकारी की तो पता चला कि जिला प्रशासन ने 02 नई तहसील सृजित किए जाने के सापेक्ष इस बरस की 10 अप्रैल को महज मल्लावां तहसील के गठन का औचित्य व मानचित्र शासन को प्रेषित किया। इस जानकारी के बाद गुजरी पहली अगस्त को श्याम प्रकाश ने राजस्व परिषद के आयुक्त/सचिव को चिट्ठी लिखी।
विधायक की चिट्ठी के जवाब में परिषद के आयुक्त/सचिव के हवाले सहायक भूमि व्यवस्था आयुक्त अशोक कुमार शुक्ला ने 06 अगस्त को हरदोई कलेक्टर को चिट्ठी जारी की है। चिट्ठी में डिप्टी सीएम शर्मा की 06 अगस्त की बैठक की कार्यवाही के हवाले कहा गया है, पिहानी को तहसील बनाए जाने को लेकर कोई आख्या/अभिमत/मानचित्र नहीं भेजा गया है। राजस्व परिषद ने 06 अगस्त 2017 की जिले में हुई डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा की बैठक के हवाले पिहानी के तहसील सृजन की दिशा में औचित्यपूर्ण आख्या मण्डलायुक्त के ज़रिए डीएम से तलब की है। क्या समझा जाए अब, पिहानी क्षेत्र के बाशिन्दों के 37 बरस पुराने सपने को ज़मीन मिलेगी ???