आस्था का प्रमुख केंद्र है मल्लावां स्थिति बाबा सुनासीर नाथ मंदिर

Himanshu Singh
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मल्लावां– सोलहवीं शताब्दी में मुगल बादशाह औरंगजेब की ज़िद को चकनाचूर करने वाला बाबा भोलेनाथ का प्रख्यात बाबा सुनासीर नाथ मंदिर के प्रांगण में बाबा भोलेनाथ की विशाल मूर्ति के निर्माण से मंदिर को एक नया स्वरूप मिला है। इस विशाल मूर्ति का निर्माण मंदिर कमेटी और श्रद्धालुओं के सहयोग से हुआ है। सुरक्षा दृष्टि को देखते हुए मंदिर परिसर में सीसीटीवी लगाए गए हैं।

मान्यता है कि इस मंदिर की स्थापना स्वयं देवराज इंद्र ने की थी। 16वीं शताब्दी में मुगल बादशाह औरंगज़ेब ने अपनी फौज एवं तलवारों की दम पर देश के मंदिरों एवं देवस्थानों को ध्वस्त करते हुए गंगा की तराई में आ पहुंचा। जहाँ स्वर्णजड़ित मूर्तियों को देखकर उसकी नीयत खराब हो गयी। इतिहासकार बताते हैं कि इसकी भनक लगते ही धौराखेड़ा के शूरवीरों ने मुगल सेना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। दोनों के मध्य भयंकर युद्ध हुआ, जिसमे सैकड़ों सैनिक मारे गए। लेकिन युद्ध कौशल में अनाभिज्ञ एवं संसाधनों की कमी के कारण शूरवीर ज्यादा देर न टिक सके। इसके बाद मनमानी पर उतारू औरंगजेब के इशारे पर सेना ने मंदिर में लूटपाट शुरू कर दी। सैनिकों ने सबसे पहले मंदिर में लगा लगभग 2 क्विंटल का सोने का कलश उतरवाया । फर्श में लगी गिन्नियों को लूट लिया। सैनिकों ने औरंगजेब के इशारे पर मंदिर के भवन को ध्वस्त कर दिया। इसके बाद सैनिक शिवलिंग को खोदने लगे। काफ़ी प्रयास के बाद जब वे इसमे सफल नही हुए तो बादशाह ने सैनिकों को शिवलिंग चीरने का आदेश दे दिया। इस पर सैनिक आरे से शिवलिंग को चीरने लगे जिससे शिवलिंग से सर्वप्रथम दूध की धार फूट पड़ी। तत्त्पश्चात रक्त की एवम उसके बाद लाखों की संख्या में बर्र एवं तत्तयों ने सेना पर हमला बोल दिया जिससे सेना वहां से भाग खड़ी हुई। तत्तयों ने शुक्लापुर गांव तक सेना को खदेड़ दिया।

#शिवलिंग पर आरे के #निशान आज भी देखें जा सकते हैं , #पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग निरंतर जारी

मंदिर प्रबंधन कमेटी के अध्य्क्ष सत्यनारायण सेठ, कोषाध्यक्ष राधेमोहन गुप्ता, नीलेश गुप्ता, मुकेश गुप्ता, कन्हैयालाल राठौर आदि ने बताया कि कमेटी के साथ साथ क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने भी मंदिर को पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग कर चुके हैं। मंदिर कमेटी ने बताया कि मंदिर परिसर को और भी भव्य बनाने के लिए कमेटी द्वारा निरंतर प्रयास जारी हैं।

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