उ.प्र.सरकार द्वारा सड़क नवीनीकरण व गड्ढामुक्त अभियान के तहत स्वीकृत मल्लावां मेहंदीघाट मार्ग पर गत वर्ष नवीनीकरण कार्य करा दिया गया था,परंतु इसी मार्ग पर स्थित राघौपुर चौराहे पर उस समय कार्य नही कराया गया, जिसके फलस्वरूप गत वर्ष राघौपुर चौराहे पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने पर तत्कालीन जिलाधिकारी शुभ्रा सक्सेना ने PWD विभाग के अधिकारियों को निर्देशित कर जलनिकासी कराकर जलभराव की समस्या का तात्कालिक निदान करा दिया था, और तब PWD विभाग ने बरसात के बाद उक्त स्थल पर कार्य कराने की बात कही, बाद में राघौपुर चौराहे पर कार्य के लिए धनावंटन हो जाने के बावजूद विभाग ने इस गंभीर जनसमस्या को नजरअंदाज कर दिया।

अब पुनः बरसात में चौराहे पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गयी, प्रतिदिन दो चार लोग चुटहिल भी हो जाते हैं, राघौपुर के आकाश गुप्ता, शोभित अवस्थी, दिग्विजय सिंह चन्देल, शिवकांत दीक्षित, सुनील।पांडेय, प्रशांत देव, अतुल तिवारी, नासिर अहमद आदि ने अविलंब राघौपुर चौराहे पर जलनिकासी कराए जाने एवं सड़क मरम्मत कराए जाने की जिलाधिकारी से मांग की है।

क्षेत्रीय जनों के अनुसार PWD विभाग धनावंटन होने के बावजूद कार्य न कराकर जनसमस्या के प्रति पूर्ण रूप से लापरवाही बरत रहा है, igrs portal पर की गई शिकायतों का निस्तारण न करके निरन्तर उक्त कार्य के प्रति भ्रामक रिपोर्ट लगाकर समस्या के निस्तारण से पल्ला झाड़ने की फिराक में हैं। हालांकि लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने एक हफ्ते में जलनिकासी कार्य की व्यवस्था कराने के उपरांत मरम्मत कार्य कराने का आश्वासन दिया है, विभाग द्वारा जनसमस्याओं के निस्तारण के प्रति संवेदनशीलता की ज़मीनी स्थिति भी हफ्ते भर में स्पष्ट हो जाएगी।

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