Me Too : यौन शोषण के आरोपों से अब घिरे विनोद दुआ भी, बेटी बोली- मैं अपने पिता के साथ

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सोशल मीडिया पर चल रहे Me Too मूवमेंट ने बॉलीवुड के साथ-साथ जर्नलिज्म को भी अपने दायरे में ले लिया है।

Me Too कैंपेन में नया नाम वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ का जुड़ा है, जिन पर निष्ठा जैन नाम की एक फिल्ममेकर और जर्नलिस्ट ने यौन शोषण का आरोप लगाया है।

इन आरोपों पर दुआ की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन उनकी बेटी मल्लिका दुआ ने पूरे मामले पर अपनी राय रखी है। मल्लिका ने अपने पिता विनोद दुआ पर लगे आरोपों पर कहा- अगर मेरे पिता पर लगे आरोप सच साबित हुए, तो यह उनके लिए अस्वीकार्य, दुखदायी और सदमे वाला होगा।’

Me Too कैंपेन में पिता विनोद दुआ का नाम आने पर सोशल मीडिया पर यूज़र्स मल्लिका दुआ को भी ट्रोल कर रहे हैं। दरअसल, हाल ही में एक कॉमेडी शो में जज रहे बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार ने मल्लिका दुआ पर सेक्सिस्ट कमेंट किए थे। जिसके बाद विनोद दुआ ने सोशल मीडिया पर अक्षय कुमार की कड़ी आलोचना की थी।

अब यौन शोषण मामले में विनोद दुआ का नाम सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स मल्लिका के साथ हुई घटना को लेकर कमेंट कर रहे हैं। इसपर मल्लिका दुआ ने कहा, ‘Me Too कैंपेन पर मेरी भी अलग राय है, लेकिन इस विवाद में मेरा नाम घसीटे जाने से मैं आहत हूँ।’

दरअसल, फिल्ममेकर निष्ठा जैन ने फेसबुक पोस्ट लिखकर विनोद दुआ के खिलाफ सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप लगाया है। पोस्ट में निष्ठा जैन ने लिखा, ”ये जून 1989 की बात है। उस दिन मेरा बर्थडे था। मैं एक नामी पत्रकार को इंटरव्यू देने गई थी। मेरे बैठते ही वो भद्दे सेक्सुअल जोक्स सुनाने लगा। मैं नाराज़गी के साथ वहां बैठी रही। फिर उसने मुझे पूछा कि वेतन कितना लोगी? मैंने कहा- पांच हज़ार रुपये। इतना सुनते ही उसने कहा- तुम्हारी औकात क्या है? मैंने ज़िंदगी में इतनी ज़िल्लत नहीं झेली थी। मैं रोते हुए घर पहुंची। मेरा बर्थडे बर्बाद हो चुका था।”

जैने ने लिखा – ”उस इंटरव्यू के कुछ दिन बाद मुझे दूसरे दफ्तर में नौकरी मिली, मुझे नहीं पता कैसे उसने पता लगा लिया। मेरे ऑफिस में उसके जानने वाले उसे बताने लगे कि मैं कब देर रात तक काम कर रही हूं। एक रात वो मुझे मेरे ऑफिस के नीचे पार्किंग में खड़ा मिला। उसने मुझे कहा – मेरी कार में आओ। मैंने सोचा वो माफी मांगना चाहता है तो मैं उसकी SUV में बैठ गई। लेकिन मैं अभी ठीक से बैठी भी नहीं थी कि वो मुझे ग़लत तरीके से छूने लगा। मैं किसी तरह बचकर वहां से भागी। उसके बाद वो कई रातों तक मेरे ऑफिस के पार्किंग में आता रहा। जब भी मैं उसे देखती, वापस ऑफिस में चली जाती और तब तक इंतज़ार करती जब तक किसी सहकर्मी के निकलने का वक्त नहीं हो जाता। फिर मैं उसके साथ ऑफिस की गाड़ी में घर जाती। कुछ दिनों बाद उसने मेरा पीछा करना छोड़ दिया। ये शख़्स विनोद दुआ था।’