टैक्‍स कलेक्‍शन के लिए मोदी सरकार के प्रयासों को बड़ा झटका लग सकता है। दरअसल, वित्त सचिव एस सी गर्ग ने यह स्वीकार किया है कि सरकार चालू वित्त वर्ष में इनडायरेक्‍ट टैक्‍स कलेक्‍शन का लक्ष्य संभवत: हासिल नहीं कर पाएगी। हालांकि उन्‍होंने यह उम्‍मीद किया कि सरकार डायरेक्‍ट टैक्‍स कलेक्‍शन के लक्ष्य को समय से हासिल कर लेगी।

गर्ग ने एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘डायरेक्‍ट टैक्‍स के मोर्चे पर हम काफी हद तक आशान्वित हैं। हालांकि, इनडायरेक्‍ट टैक्‍स कलेक्‍शन लक्ष्य से कुछ कम रहेगा। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि इनडायरेक्‍ट टैक्‍स कलेक्‍शन लक्ष्य से कितना कम रहेगा।साथ ही गर्ग ने यह भी कहा कि इन परिस्थितियों के बावजूद वित्त वर्ष 2018- 19 के लिए रखे गए राजकोषीय घाटे के संशोधित 3.4 फीसदी के लक्ष्य को हासिल कर लिया जाएगा।

उन्‍होंने कहा, ‘‘हम इसकी भरपाई बचत से कर लेंगे. ऐसे में 3.4 प्रतिशत का राजकोषीय घाटे का लक्ष्य सुरक्षित है। ’’ सरकार ने अंतरिम बजट में राजकोषीय घाटे का लख्य 3.4 प्रतिशत रहने का संशोधित लक्ष्य रखा है जो पिछले बजट में रखे गये लक्ष्य की तुलना में 0.1 प्रतिशत अधिक है। इनडायरेक्‍ट टैक्‍स कलेक्‍शन का मुख्‍य आधार जीएसटी है। लेकिन इस वित्त वर्ष में जीएसटी अब तक औसतन 95,000 करोड़ रुपये मासिक रहा है।