एक  श्रमिक नेता और आपात काल के जांबाज योद्धा के तौर पर पहचान रही

मंगलवार सुबह खबर आई की पूर्व रक्षामंत्री जॉर्ज फर्नांडिस का निधन हो गया। वो लंबे समय से अल्जाइमर से पीड़ित थे साथ ही उन्हें स्वाइन फ्लू भी हो गया था। उन्होंने दिल्ली में आखिरी सांस ली।जॉर्ज फर्नांडिस अटल बिहारी वाजपेयी के समय एनडीए सरकार के दौरान देश के रक्षामंत्री थे। उनके निधन की पुष्टि उनके परिवार के सदस्यों ने की है। फर्नांडिस लंबे समय से बीमार चल रहे थे। पूर्व रक्षा मंत्री ने 88 वर्ष की आयु में दुनिया को अलविदा कहा।

जॉर्ज फ़र्नान्डिस (जन्म 3 जून 1930) भारतीय राजनेता थे। वे श्रमिक संगठन के भूतपूर्व नेता, तथा पत्रकार थे। वे राज्यसभा और लोकसभा के सदस्य रह चुके हैं। उन्होने समता पार्टी की स्थापना की। वे भारत के केन्द्रीय मंत्रिमण्डल में रक्षामंत्री, संचारमंत्री, उद्योगमंत्री, रेलमंत्री आदि के रूप में कार्य कर चुके हैं। आजकल उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं था और वे एकाकी जीवन जी रहे थे।

चौदहवीं लोकसभा में वे मुजफ़्फ़रपुर से जनता दल (यूनाइटेड) के टिकट पर सांसद चुने गए। वे 1998 से 2004 तक की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की केन्द्रीय सरकार में रक्षा मंत्री थे।

1977 में, आपातकाल हटा दिए जाने के बाद, फर्नांडीस ने अनुपस्थिति में बिहार में मुजफ्फरपुर सीट जीती और उन्हें इंडस्ट्रीज के केंद्रीय मंत्री नियुक्त किया गया। केंद्रीय मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने निवेश के उल्लंघन के कारण, अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनियों आईबीएम और कोका-कोला को देश छोड़ने का आदेश दिया। वह 1989 से 1990 तक रेल मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान कोंकण रेलवे परियोजना के पीछे प्रेरणा शक्ति थीं। वह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार (1998-2004) में रक्षा मंत्री थे, जब कारगिल युद्ध भारत और पाकिस्तान और भारत ने पोखरण में परमाणु परीक्षण किए एक अनुभवी समाजवादी, फर्नांडीस को बराक मिसाइल घोटाले और तहलका मामले सहित कई विवादों की चपेट में भी आये। जॉर्ज फर्नांडीस ने 1967 से 2004 तक 9 लोकसभा चुनाव जीते।