शाहाबाद : पेड़हथा प्राइमरी स्कूल में राष्ट्रीय पुरस्कार का ‘पंकज’ खिलने से पहले मुरझाया

0
26

स्वच्छ विद्यालय योजना में फाइव स्टार रेटिंग मिली, पर विभाग ने मांगी गई सूचना ही नहीं भेजी

क्षेत्रीय भाजपा विधायक रजनी तिवारी के गोद लिए विद्यालय के साथ अफ़सरों ने की बदसुलूकी

अमन पाण्डेय शाहाबाद

शाहबाद ब्लॉक का प्राथमिक विद्यालय पेड़हथा तब चर्चा में आया जब केन्द्र सरकार की स्वच्छ विद्यालय योजना में फाइव स्टार रेटिंग के तहत 98 अंक मिले और राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित हुआ। यह उपलब्धि पाने वाला जिले में ही नहीं, लखनऊ मण्डल का इकलौता स्कूल था। विद्यालय को ये गौरव हेड मास्टर पंकज त्रिपाठी और स्टॉफ की जी-तोड़ मेहनत से मिला था। विद्यालय को क्षेत्रीय विधायक रजनी तिवारी ने गोद लिया हुआ है। इस उपलब्धि की जानकारी पर डीएम पुलकित खरे स्कूल पहुंचे और पंकज व स्टॉफ को सम्मानित किया।
लेकिन, बेसिक शिक्षा विभाग के आला अफ़सरों ने इस अहम् उपलब्धि का तमगा स्कूल को मिलने से वंचित कर दिया। दरअसल, राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए राज्य परियोजना अधिकारी (सर्व शिक्षा अभियान) ने 03 सदस्यीय राज्य स्तरीय टीम से 03 फ़रवरी तक भौतिक सत्यापन रिपोर्ट मांगी थी। सत्यापन की ज़िम्मेदारी मण्डलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक), मण्डलीय उप निदेशक (पंचायती राज) और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की थी। शासन अफ़सरों से सत्यापन रिपोर्ट मांगता रहा, अफ़सरान ने जुम्बिश नहीं ली। जब स्वच्छ विद्यालय योजना के तहत राष्ट्रीय पुरस्कारों की सूची जारी हुई, तो प्राथमिक विद्यालय पेड़हथा का नाम गायब था। अफ़सरों के निकम्मेपन से मेहनत पर पानी फिरने से हेड मास्टर पंकज त्रिपाठी बेहद मायूस हुए।
पंकज के व्यक्तित्व की हैं और भी विमाएं
पंकज त्रिपाठी 1998 में सहायक अध्यापक के नियुक्त हुए थे। एक दशक से वह प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष हैं। उन्होंने व्यायाम शिक्षक के रूप में भी काम किया और उनके प्रयास से शाहाबाद ब्लॉक पिछले वर्ष जिले में द्वितीय और इस वर्ष प्रथम स्थान पर आया। जनपद में पेड़हथा प्राथमिक विद्यालय में पहला बैण्ड भी तैयार किया, जिसका प्रदर्शन बच्चों द्वारा ब्लॉक, जिला और मंडल स्तरीय प्रतियोगिताओं में किया गया है। छात्र छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने के लिए खण्ड शिक्षा अधिकारी के साथ उपस्थिति रथ निकाला और नतीजे में उपस्थिति में सुधार आया। हर माह के अन्तिम शनिवार को विद्यालय में उस माह जन्मे छात्रों का जन्मदिन धूमधाम से मनाया जाता है। पंकज समय समय पर विभिन्न शैक्षणिक और खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन कराते है। अन्त में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य। हाईकोर्ट ने सरकारी अफ़सरों/कर्मचारियों को उनके बच्चों की पढाई-लिखाई कराने का आदेश दिया हुआ, लेकिन आदेश का पालन कोई नहीं करता। लेकिन, पंकज ने अपने बेटे का प्रवेश परिषदीय विद्यालय में कराया है, ताकि प्रेरणा लेकर अन्य शिक्षक भी अपने पाल्यों का नामांकन परिषदीय विद्यलयों में कराएं।