मिसाल बेमिसाल : पिता की चिता को दी पुत्री ने मुखाग्नि

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दाह संस्कार में उपस्थित सभी लोगों ने की जज़्बे की सराहना
पूर्व में सर्वोदय आश्रम सिकन्दरपुर के प्रमुख रमेश भाई जी की पार्थिव देह का अन्तिम संस्कार बेटी ने कर खण्डित की थीं रूढ़ियां
उसका नाम ही कोमल है। लेकिन आज उसने जो जिजीविषा दिखाई, उससे साबित हुआ कि कोमल मानी जाने वाली नारियां विपरीत परिस्थितियों में जीवट की हो जाती है। ऐसा आज दिखा जब सड़क दुर्घटना के शिकार पिता को उसकी बेटी ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया। इस भावुक दृश्य को देख कर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
बुधवार को हरदोई शहर में प्राइवेट बस अड्डे पर काम करने वाले प्रभात कुमार उपाध्याय के ऊपर नुमाइश चौराहा पर क्रेन चढ़ जाने से मौत हो गयी थी। मृतक मूलतः बलिया के निवासी थे। लेकिन हरदोई के मोहल्ला वैटगंज में कई वर्षों से रह रहे थे। गुरुवार को उनकी बेटी कोमल ने पिता को मुखाग्नि दी। मृतक के कोई पुत्र नही था।
मौत के बाद जब उसके अंतिम संस्कार करने की बात आई तब पुत्री कोमल सामने आई। उसने कहा कि मैं ही अपने पिता का अंतिम संस्कार करूंगी और बेटे का फर्ज निभाऊंगी। पुत्री द्वारा मुखाग्नि देना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना है। जिस वक्त कोमल ने अपने पिता को मुखाग्नि दी उस समय उसके साहस की सभी ने सराहना की। बेटी द्वारा मुखाग्नि देते समय लोगों की आंखे नम हो गई। मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कोमल ने अपने पिता को मुखाग्नि देकर संतान की परंपरा का पूर्ण निर्वहन किया।