मोदी ने सीताराम केसरी को बताया दलित, काँग्रेस ने पीएम को करार दिया झूठा!

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक बार फिर कांग्रेस पर ‘वंशवाद’ को बढ़ावा देने के बहाने जमकर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व सोनिया गांधी और राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया। मोदी ने छत्तीसगढ़ के महासमुंद में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सीताराम केसरी एक ‘दलित’ थे और कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर उन्हें पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं करने दिया गया, बल्कि सोनिया गांधी के लिए रास्ता बनाने की खातिर उन्हें हटा दिया गया।
उन्होंने कहा ‘‘देश को पता है कि सीताराम केसरी जैसे दलित पीड़ित शोषित समाज से आए हुए व्यक्ति को पार्टी के अध्यक्ष पद से कैसे हटाया गया था। कैसे बाथरूम में बंद कर दिया गया था? कैसे दरवाजे से निकालकर के उठाकर के फुटपाथ पर फेंक दिया गया था? इसके बाद मैडम सोनिया जी को बैठा दिया गया था।’’ उन्होंने कहा ‘‘जो लोग दलित, पीड़ित, शोषित को दो साल भी झेल नहीं पाए, वे कैसे पांच साल के लिए इस परिवार से बाहर के लोगों को अध्यक्ष बना सकते हैं।’’
मोदी के इसी दावे को कांग्रेस ने झूठ करार दिया है। पार्टी ने एक खबर को साझा करते हुए कहा कि सीताराम केसरी दलित नहीं थे। सीताराम केसरी बनिया थे और कांग्रेस के बड़े नेताओं में गिने जाते थे। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर पीएम मोदी के बयान के बहाने लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, केशुभाई पटेल की याद दिलाई।
वहीं कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, ‘‘केसरी दलित नहीं बल्कि बिहार के ओबीसी बनिया थे। हालांकि, मोदी ने कब तथ्यों अथवा सच्चाई को रास्ते में आने दिया है?’’ उन्होंने कहा कि केसरी को सभी ने सम्मान दिया। तिवारी ने बताया, ‘‘1996-1998 के बीच उनके कानूनी मामलों में शामिल होने के नाते मैं यह दावे के साथ कह सकता हूं।’’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा ‘‘कांग्रेस ने कहा है कि नेहरू जी की मेहरबानी है कि चाय वाला प्रधानमंत्री बन गया है। तब मैंने उन्हें चुनौती दी कि उन्होंने अगर इतनी उदार परंपरा प्रतिस्थापित की है तब पांच साल के लिए इस (गांधी) परिवार से बाहर के किसी व्यक्ति को कांग्रेस अध्यक्ष बनाकर देखें। तब कुछ लोग सफाई देने लगे।’’