सोशल मीडिया अगर वरदान है तो अभिशप्त भी किया है इसने। बीते कुछ सालों में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं, जिनसे इस धारणा को बल मिलता है।कई बार ऐसा भी प्रतीत हुआ है कि सोशल मीडिया पर आई कोई भी जानकारी कितनी भी वास्तविक क्यों न हो, भ्रामक ही लगी है।
अब सोशल मीडिया पर देश के प्रधानमंत्री के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ पुलिस काफी सख़्ती से पेश आने लगी है। कहीं कोई भी यदि पीएम मोदी के खिलाफ ऐसे शब्द इस्तेमाल करता है जो गाली या अश्लीलता की श्रेणी में आते हैं अथवा भड़काऊ हैं तो उन्हें तत्काल अरेस्ट किया जा रहा है। इसी मुश्किल में फंसती नज़र आ रही हैं पूर्व कांग्रेसी सांसद दिव्या। जिन पर सीधे देशद्रोह का मुकदमा कायम हो गया है।
खबर आई है कि दिव्या स्पंदना के खिलाफ राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर थाने में देशद्रोह के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। दिव्या ने सोमवार 24 सितम्बर को दोपहर पीएम मोदी की फोटो पोस्ट करते हुए आपत्तिजनक ट्वीट किया था। इस पोस्ट पर कई लोगों ने प्रतिक्रिया देते हुए ट्विटर पर इसकी कड़ी निंदा की थी।
इस ट्वीट से पीएम व भारत सरकार के प्रति देशवासियों में घृणा व अवमानना की भावना पैदा करने की कोशिश की गई। वैसे इसके पहले भी दिव्या अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आ रहीं थीं। एक सप्ताह पहले दिव्या ने पीएम मोदी का एक पुराना विडियो शेयर करते हुए उनकी शिक्षा पर सवाल खड़े किए थे।
अब बड़ा सवाल ये है कि ऐसा पहले भी होता रहा है, जब पीएम पर हमला बोला गया और भाषाई स्तर को नहीं बरकरार रखा गया। ऐसे में अचानक इस पर सख़्ती क्या बोलने के अधिकार का हनन है?
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