ससुराल में युवक ने लगाई फांसी; निःशुल्क बांटी दवाइयाँ; नुक्कड़ नाटकों से किया जागरूक

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पिहानी से सौरभ सिंह
ससुराल में रह रहे युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या
पिहानी।
क्षेत्र के ग्राम बेल्हइया मजरा करीमनगर में रविवार सुबह एक युवक का शव पेड़ से लटकता मिला। उधर से गुजर रहे ग्रामीणों ने यह दृश्य देखा तो हतप्रभ रह गए। धीरे धीरे पूरे क्षेत्र में घटना की जानकारी आग की तरह फैल गयी। बताया जाता है कि मूल रूप से शाहाबाद के नगरिया इलाके में रहने वाले महेश का विवाह कुछ वर्ष पूर्व पिहानी क्षेत्र के ग्राम बेल्हइया से हुआ था। कई दिनों से महेश अपनी ससुराल में ही रह रहा था, शनिवार रात को किसी समय उसने पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली। हालांकि इसका कारण अभी ज्ञात नहीं हो सका है। ग्रामीणों में यह बात चर्चा में है कि महेश इस घटना से पहले शराब के नशे में था। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच चुकी थी।
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कैम्प लगाकर निःशुल्क दवाइयां बांटी
पिहानी।
कस्बे के ताहिर पब्लिक स्कूल में रविवार को कैम्प लगाकर मरीजों का निःशुल्क परीक्षण कर उन्हें दवाइयां बांटी गईं। ताहिर अस्पताल लखनऊ की ओर से प्रोफेसर डॉ. सलीम ताहिर और डॉ. शबनम के निर्देशन में उनकी टीम ने क्षेत्र से आये दर्जनों मरीजों का निःशुल्क परीक्षण किया और उन्हें दवाइयां वितरित कीं। इसी बीच उन्होंने गंदगी और प्रदूषित जल आदि से होने वाली बीमारियों के बारे में बताते हुए इसके बचाव के उपाय बताए और सभी से स्वच्छता बनाये रखने की भी अपील की। स्कूल के प्रबन्धक सैफ हसन जैदी, विशेष मिश्रा सहित स्कूल स्टॉफ ने व्यवस्थाएं संभालीं।
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नुक्कड़ नाटक के माध्यम से किया जागरूक
पिहानी।
ग्राम कुईयां में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में आयोजित शिविर का तीसरा दिन कन्या भ्रूण हत्या विषय पर केंद्रित रहा। कार्यक्रम अधिकारी कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देशन में बालक एवं बालिका वर्ग में अलग-अलग नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। ‘लज्जो’ नाटक के माध्यम से छात्रों ने डॉक्टर की भूमिका के माध्यम से दर्शाया कि किस प्रकार डॉक्टर की मिलीभगत से कन्या भ्रूण हत्या का व्यापार फल फूल रहा है उन्होंने इसका पर्दाफाश किया । नाटक में छात्र विनीत ने डॉक्टर की भूमिका निभाते हुए
पचास हज़ार रुपए के लिए एक नन्हीं जान को मार डाला । नाटक में दिखाया गया कि गर्भ में पल रहे शिशु का लिंग लड़का था लेकिन डॉक्टर ने रिश्वत के लिए उसे मार डाला। नाटक में पति पत्नी की भूमिका निभा रहे अनुराग आर्य, पवन सिंह की भूमिका की भूरी भूरी प्रशंसा उपस्थित दर्शकों ने की ।
नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत करते कलाकार
कंपाउंडर की भूमिका में उपेंद्र ने खूब वाहवाही लूटी । छात्रा अमृता वाजपेई के निर्देशन में दूसरे नाटक ‘सुधा’ का छात्राओं द्वारा मंचित किया गया । इस नाटक में कन्या के पिता की विवशता ,बहू पर घरेलू हिंसा और प्रताड़ना को बखूबी दिखाया गया । सास-ससुर तथा पति द्वारा बलपूर्वक लिंग की जांच करवाने तथा कन्या भ्रूण हत्या करवाने पर मां बाप एवं बेटी का करुण रुदन देखकर लोगों के आंखों में आंसू आ गए। उपस्थित लोगों ने कन्या भ्रूण हत्या न करने की शपथ ली । सुधा की भूमिका को सुधा नामक छात्रा ने बेहतरीन ढंग से संपादित किया डॉक्टर की भूमिका में फातिमा ने खूब वाहवाही लूटी। किरदारों में रोशनी ,शिवानी, रूबी ,शकुंतला, लक्ष्मी, रश्मि, रुचि आदि छात्र-छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया ।आज सत्र के व्याख्यान के चरणों में प्रो. जितेंद्र कुमार ने पर्यावरण एवं सतत विकास विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि संसाधनों का इस प्रकार दोहन करना चाहिए कि पर्यावरण को नुकसान ना पहुंचे और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधन बचे रहें । आज योग शिविर एवं श्रमदान का भी कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।