हरदोई : सियासी मसलों पर मुबाहिसे की तमाम मनाही के बाद भी छलक ही गया राजपूताना शौर्य फ़ाउन्डेशन के मिलन समारोह में एससी/एसटी एक्ट का दर्द

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डॉ0 एसके सिंह के बालामऊ फ़ार्म हाउस पर हुए समागम में सवायजपुर विधायक माधवेन्द्र प्रताप सिंह ‘रानू’ ने किया मोदी सरकार के कदम का बचाव, समाज को जोड़े रखना बताया क्षत्रियों की जिम्मेदारी
बृजेश ‘कबीर’
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गठन के थोड़े ही समय बाद कोई 99 देशों में विस्तारित हो चुके राजपूताना शौर्य फ़ाउन्डेशन का प्रतीक्षित मिलन समारोह शनिवार देर शाम बालामऊ में मशहूर सर्जन डॉ0 एसके सिंह के फॉर्म हाउस पर सम्पन्न हुआ। समारोह का प्रारम्भ क्षत्रिय समाज के वरिष्ठ लोगों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद मंच पर रखे गए भगवान राम और महाराणा प्रताप सिंह के चित्रों पर सभी ने पुष्पार्पण किए। फ़ाउन्डेशन के संचालक मण्डल ने संस्था के कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की।
संचालक मण्डल के वरिष्ठ सदस्य भारतीय विदेश सेवा के अफ़सर महेन्द्र सिंह (गोरखपुर) ने कहा, फ़ाउन्डेशन के गठन का उद्देश्य क्षत्रिय समाज को कठिनाइयों से उबारने और उसे पिछड़ने से रोकने की मंशा से किया गया है। कोशिश है, समाज के सुविधा सम्पन्न लोगों के संसाधनों की सहायता से समाज के गरिमामयी व सम्मानजनक इतिहास को संजोए रखते हुए सामाजिक, शैक्षणिक व आर्थिक विकास के महत्व से अवगत कराया जाए। साथ ही समाज के जरूरतमंदों को अलग अलग क्षेत्र में कार्यक्रम संचालित कर सहयोग देते हुए जागरूक करना फ़ाउन्डेशन का मुख्य उद्देश्य है। कहा, अन्य तबके लगातार प्रगति कर रहे हैं, लेकिन राजपूत समाज लगातार पिछड़ रहा है। इसकी वजह समाज में सम्पर्क, संवाद और सहयोग का अभाव है।
महेन्द्र सिंह ने बताया, फ़ाउन्डेशन 08 सूत्रीय कार्यक्रम को लेकर काम कर रहा है। पहले सूत्र के तहत सम्पर्क और संवाद स्थापित कर शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में सदस्यता अभियान संचालित किया जा रहा है, ताकि सहयोग के सूत्र को बल मिले। दूसरा सूत्र शैक्षणिक कार्यक्रम है। इसके तहत नौनिहालों को उच्च/व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण/प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मार्गदर्शन व आवश्यकतानुसार आर्थिक सहयोग करना है। तीसरा सूत्र स्वास्थ्य कार्यक्रम है। इसके अनुसार, समाज के जरूरतमंदों को स्वास्थ्य सम्बन्धी सुझाव व सहायता अलग-अलग क्षेत्र में आपसी सहयोग से करना है। चौथा सूत्र स्व-रोजगार व रोजगार परक कार्यक्रम है। स्व-रोजगार के तहत समाज के बेरोजगारों का प्रशिक्षित सलाहकारों द्वारा मार्गदर्शन किया जाएगा। रोजगार के तहत व्यावसायिक रूप से सक्षम लोगों की मदद से रोजगार मुहैया कराने का प्रयास होगा।
पांचवां सूत्र महिला सशक्तिकरण है। इसके तहत समाज की महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उन्हें अपेक्षित सम्मान मिलता रहे। छठा सूत्र वैवाहिक कार्यक्रम है। महेन्द्र सिंह ने कहा, आज सजातीय वर/वधु की खोज व विश्वसनीयता बड़ा सवाल है। योजना है कि अभिभावकों को संवाद के जरिए जोड़ा जाए, जिससे वह अपनी पसंद, जरूरत व हैसियत के मुताबिक अपने पाल्यों का विवाह करवा सकें। साथ ही समाज के जरूरतमंद अभिभावकों के पाल्यों के विवाह में आर्थिक सहायता की भी योजना है। सातवां सूत्र क़ानूनी सहायता कार्यक्रम है। इसके तहत समाज के उन शोषित लोगों को जो आर्थिक या अन्य कारण से न्याय पाने से वंचित हैं, उन्हें समाज के सक्षम लोगों से मदद करवाना है। अन्तिम सूत्र कृषि कार्यक्रम है। इसके जरिए ग्रामीण क्षेत्र के राजपूतों के आर्थिक उन्नयन के लिए वैज्ञानिक खेती व पशु पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अफ़सर एसके सिंह ने फ़ाउन्डेशन के 08 सूत्रीय कार्यक्रमों में एक सूत्र और जोड़ने का सुझाव दिया। कहा, राजपूत समुदाय में आपसी विवाद को थाना-कचहरी पहुंचने से रोकने की ओर भी एक कार्यक्रम होना चाहिए। इसके तहत आपसी विवाद के मामलों में राजपूत समाज के प्रभावशाली लोग दख़ल दे कर सुलझाने का काम करें। इसका लाभ यह होगा कि एकजुटता बढ़ेगी और समाज के लोग ध्यान काम-धन्धे पर केन्द्रित कर पाएंगे। फ़ाउन्डेशन के संचालक मण्डल ने आईपीएस अफ़सर के सुझाव का स्वागत किया और उनके सुझाए कार्यक्रम को कार्य योजना में सम्मिलित करने पर हामी भरी। मिलन समारोह में डॉयस जब तक फ़ाउन्डेशन के जिम्मे रहा, तब तक राजनीतिक मसलों पर चर्चा को स्पेस नहीं मिला। लेकिन, जब समाज के लोगों को उनकी बात रखने को बुलाया गया, चाहे-अनचाहे सियासी मसला कार्यक्रम के बुनियादी एजेण्डे पर हावी हो गया।
अहिरोरी के निर्भय सिंह ने इशारों में कहा कि पिछले दिनों केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की मंशा के विरुद्ध एक ऐसा कानून थोप दिया है, जिसके विरोध में राजपूत समाज के #बाबू_जी कचहरी में अनशन पर बैठे हैं। बोले, इस तरफ़ भी राजपूत समाज को गम्भीरता से एक्शन में आना होगा। समाजसेवी राजवर्धन सिंह ‘राजू’ को बुलावा मिला तो उन्होंने सीधे-सीधे एससी/एसटी एक्ट को लेकर दिल के छाले फोड़ दिए। कहा, जब सुप्रीम कोर्ट ने इस कानून के तहत केस रजिस्टर होने के बाद तत्काल गिरफ़्तारी पर रोक लगाते हुए जांच का प्रावधान किया था, तब ऐसी क्या मज़बूरी थी कि मोदी सरकार ने शीर्ष अदालत का फ़ैसला पलट दिया। राजू ने सरकार के रुख़ को अगड़ी जातियों को हतोत्साहित करने वाला बताया। कहा, राजपूतों ने सदैव राष्ट्र, समाज और न्याय की रक्षा की लड़ाई लड़ी है। इस विसंगति के विरोध में भी समाज को खुल कर खड़ा होना होगा, अन्यथा आने वाली पीढियां हमें माफ़ नहीं करेंगी।
राजू के बाद नाम पुकारा गया सवायजपुर से भाजपा विधायक माधवेन्द्र प्रताप सिंह ‘रानू’ का। विधायक ने एससी/एसटी एक्ट को लेकर मोदी सरकार का भरसक बचाव किया। कहा, सनातन संस्कृति साक्षी है कि राजपूत समाज ने हमेशा राष्ट्र और समाज की एकजुटता के लिए खुद को न्यौछावर किया है। समाज के दबे-कुचले और शोषित-वंचित वर्ग को संरक्षण दिया है। सर्व समाज को एक सूत्र में बांधे रखने का दायित्व निर्वाह किया है। कहा, शीर्ष कोर्ट की व्यवस्था से समाज के एक वर्ग में असुरक्षा की भावना थी, जिसे सरकार ने निर्मूल भर किया है। विधायक ने आश्वस्त किया, एससी/एसटी एक्ट का किसी दशा में दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा, इससे सभी निश्चिन्त रहें। रानू ने राजपूताना फ़ाउन्डेशन में कार्यक्रमों की सराहना की और आश्वस्त किया कि इस दिशा में वह फ़ाउन्डेशन का हर सम्भव सहयोग करते रहेंगे। जहां जरूरत होगी, कन्धे से कन्धा मिला कर खड़े रहेंगे। जिले में मिलन समारोह के सफल आयोजन के लिए डॉ0 एसके सिंह, डॉ0 एके सिंह और आलोक सिंह की सराहना की।
मिलन समारोह में फ़ाउन्डेशन के संचालक मण्डल के महेन्द्र सिंह, रुद्र प्रताप सिंह (बलिया), राममूर्ति सिंह (लखनऊ), अमित सिंह (हरदोई), अरुण कुमार सिंह ‘कमाण्डर’ (प्रतापगढ़), शिव शंकर सिंह (जौनपुर), मदन पाल सिंह (हरदोई), राजेश कुमार सिंह (मऊ), रीतेश सिंह (उन्नाव), शिवेन्द्र विक्रम शाही (देवरिया), हिमांशु सिंह (बस्ती), विश्वजीत सिंह (बलरामपुर), सन्दीप सिंह (सीतापुर), और उदयवीर सिंह (लखनऊ) को सम्मानित किया गया। स्थानीय लोगों में विधायक माधवेन्द्र प्रताप सिंह, DIG एसके सिंह, ASP (ईस्ट) ज्ञानंजय सिंह, डॉ0 एसके सिंह, डॉ0 एके सिंह, पूर्व प्रमुख उदयराज सिंह चन्देल (सिकरोहरी), पूर्व प्रमुख उदयवीर सिंह (टोडरपुर), पूर्व प्रमुख प्रेम सिंह (हरियावां), धर्मराज सिंह (बक्स खेड़ा), राजवर्धन सिंह, मास्टर सिंह (भीठादान), महेन्द्र सिंह (कटका), संजीव सिंह कुशवाहा (महरी), निर्भय सिंह (बरखेरवा), बृजपाल सिंह (गोपार), अलंकार सिंह (डही), राम शंकर सिंह (कलौली), विजय पाल सिंह (भगौड़ा), सोमपाल सिंह (नैरा), कालेन्द सिंह (पतसेनी), केशव सिंह (कामीपुर), अनिल सिंह (झरोइया), भारत सिंह (हरदोई), अनिल सिंह (कटियामऊ), अनिल सिंह (परसावां) और आलोक सिंह (गोपार) को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ0 एसके सिंह को जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं गईं। समारोह की व्यवस्था में राहुल चौहान, अर्पित सिंह, संतोष सिंह व गौरव ठाकुर आदि रहे। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ0 राजीव सिंह, भाजपा जिला उपाध्यक्ष अजीत सिंह ‘बब्बन’, वरिष्ठ भाजपा नेता के. बी. सिंह, पूर्व प्रमुख राजेश सिंह, सुशील सिंह, जीएस सिंह, अनिल सिंह परसोला, संग्राम सिंह (डही), विकास सिंह (सवायजपुर), सूर्या सिंह ‘गुड्डू’, बागीश ठाकुर, प्रधान आशीष सिंह, अजय प्रताप सिंह, भाजयुमो के निवर्तमान जिला महामन्त्री अर्जुन सिंह चंदेल, भाजपा आईटी सेल जिला संयोजक सौरभ सिंह गौर, अतुल सिंह चाउंपुर, रामु चौहान, पत्रकार देवेन्द्र सिंह ‘बबलू’, शरद सिंह, योगेन्द्र सिंह व केपी सिंह, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विवेक चौहान व कुलभूषण सिंह, अनूप सिंह, राहुल सिंह ‘रारा’, ऐश्वर्य प्रताप सिंह खजुरहरा, कमल सिंह ‘इटौली’, प्रमोद सिंह, देवेन्द्र सिंह, सन्दीप चन्देल, प्रशान्त सिंह ‘तत्यौरा’, नवनीत सिंह, लालू सिंह, देवेन्द्र सिंह ‘फ़ौजी’, वैभव सिंह बघौली सहित भारी संख्या में राजपूत समाज के लोग मौजूद रहे।