वैसे तो कोई निजी चिकित्सा संस्थान महज व्यावसायिक ही माना जाता है …और होता भी है। लेकिन, कुछ ऐसे भी मेडिकल इंस्टीट्यूट होते हैं जो प्रोफेशनल संग सोशल रेस्पॉन्सबिलिटी (सामाजिक सरोकार) निभाने के लिए भी जाने जाते हैं।

बृजेश कबीर
जाने-माने सर्जन डॉ0 एसके सिंह के स्वामित्व वाला रानी साहिबा कटियारी अस्पताल ऐसा ही संस्थान है, जो कोख से बाहर आने वाली बेटी बेटियों को बचा रहा है।
सर्जन डॉ0 एसके सिंह ने कुछ वर्ष पीछे गरीबी की रेखा के नीचे आने वाले परिवारों की 10 वर्ष तक की रोगग्रस्त बेटियों के निःशुल्क ऑपरेशन की योजना अपनी बिटिया संजति के जन्मदिवस के अवसर पर शुरू की थी। संजति योजना का शुभारम्भ तत्कालीन जिलाधिकारी डॉ0 विवेक वार्ष्णेय की पत्नी/आकांक्षा समिति की तत्कालीन अध्यक्ष डॉ0 अनु वार्ष्णेय ने किया था। तब से आज तक इस योजना से सैकड़ों बीपीएल परिवारों की रोगग्रस्त बच्चियों का निःशुल्क ऑपरेशन हो चुका है।
रानी साहिबा कटियारी अस्पताल की स्थापना की तीसरी सालगिरह के मौके पर इस चिकित्सा संस्थान की तमाम खूबियों में, इस खूबी को उकेरना इसलिए ज़रूरी लगा, कि व्यावसायिक संग सामाजिक सरोकारों को भी जिएं प्रोफेशनल्स। इस चिकित्सा संस्थान की वैसे तमाम और भी खूबियां (मानवीय) हैं, जिन्हें लोग जानते हैं, हम चार लाइन लिख देंगे तो बातें बहुत तरह की होने लगेंगी। इसलिए, संस्थान के उत्तरोत्तर प्रगति की अंतर्ध्वनि की ओर से कोटि कोटि मंगल कामनाएं।