हरदोई : मिशन एडमिशन के सीजन में एडमिशन/री-एडमिशन फ़ीस से पैरेंट्स हलकान

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दि कैम्ब्रिज स्कूल ने चालू सीजन में एडमिशन फ़ीस नहीं लेने का फैसला कर चेहरों पर दी मुस्कान

ट्रान्सपोर्ट फ़ीस भी घटाई, बस भाड़ा में 40% और वैन किराया में 35% तक कम लेगा भुगतान

अंतर्ध्वनि एजूकेशन डेस्क
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इन दिनों स्कूलों में प्रवेश की मारामारी चल रही है। खासकर प्रतिष्ठित माने जाने वाले इंग्लिश मीडियम स्कूलों में लम्बी कतार है। इस सच्चाई के चलते भी कि भारी भरकम एडमिशन फ़ीस वसूले जाने और एनसीईआरटी के कोर्स की जगह प्राइवेट पब्लिशर्स का महंगा सिलेबस लेने को मजबूर करने के बाद भी पैरेंट्स स्टेटस सिम्बल के नाम पर बच्चों के प्रवेश को पसीना पसीना हो रहे हैं। सच यह भी है कि कुछ इंग्लिश मीडियम स्कूलों में पास-आउट स्टूडेंट्स से अगली क्लास में जाने की रि-एडमिशन फ़ीस भी उगाही जा रही है।

शुभ्रा सक्सेना के जिलाधिकारी रहते अभिभावक संघ की पहल पर प्रशासन ने स्कूलों की मानक विहीन बसों के संचालन पर नकेल डाली थी। सुरक्षा की कसौटी पर फेल और एक ही रजिस्ट्रेशन नम्बर पर संचालित बसों को कोतवाली देहात में खड़ा कराया गया था। बाद में स्कूलों ने नए ट्रांसपोर्टर्स से अनुबंध कर कोर्ट द्वारा तय सिक्योरिटी फीचर्स से लैस बसों का इंतजाम किया था। हालांकि, अभी भी तमाम निजी स्कूल मानक विहीन बसों और वैनों का संचालन कर रहे हैं। निजी तो निजी ठहरे, मानव संसाधन विकास मंत्रालय की छत्रछाया वाले केन्द्रीय विद्यालय के बच्चे मानक विहीन बसों में सफ़र कर रहे हैं और ऐसा हो रहा है किसी कथित केन्द्रीय विद्यालय अभिभावक समिति की सांठ-गांठ से।

बहरहाल, पिछले दिनों डीएम पुलकित खरे की मौजूदगी में अभिभावक संघ और निजी स्कूलों के प्रधानाचार्यों/प्रबन्धकों की बैठक हुई। बैठक में प्रवेश शुल्क, मासिक शुल्क में नियम विरुद्ध बढ़ोतरी, पास आउट स्टूडेंट्स से उसी स्कूल में रि-एडमिशन फ़ीस लिए जाने और एनसीईआरटी की जगह निजी पब्लिशर्स का मंहगा सिलेबस लेने को मजबूर करने का मसला उठा। नतीजतन खरे ने किसी भी तरह के शुल्क लिए जाने पर हफ्ते भर की रोक लगा दी। प्रशासन स्कूलों के शुल्क के ढांचे की पड़ताल के बाद आगे कदम उठाएगा। वहीं, जिन स्कूलों ने प्रधानाचार्यों/प्रबन्धकों की जगह प्रतिनिधि भेजे, डीएम ने उन्हें फटकार लगाते हुए बैठक से बाहर कर दिया।

सभी निजी स्कूल पैरेंट्स का आर्थिक दोहन कर रहे हैं, ऐसा भी नहीं है। मसलन, लखनऊ रोड पर इन्द्रप्रस्थ कॉलोनी में संचालित दि कैम्ब्रिज स्कूल। इस स्कूल के प्रबन्धन ने शैक्षणिक सत्र 2019-20 में किसी भी कक्षा में प्रवेश शुल्क नहीं लेने का फैसला किया है। प्रिंसिपल शुभ बनर्जी के अनुसार, प्रवेश शुल्क नहीं लेने का फैसला स्कूल की सोशल वेलफेयर पॉलिसी के तहत अभिभावकों के हित में लिया गया है। साथ ही स्कूल पास आउट बच्चों के अगली कक्षा में जाने पर रि-एडमिशन फ़ीस भी नहीं लेता है। बनर्जी ने बताया, सभी कक्षाओं में सिलेबस एनसीईआरटी का ही लागू है। हम स्टूडेंट्स को निजी पब्लिशर्स का सिलेबस लेने को मजबूर नहीं करते। उनके मुताबिक, स्कूल को सीबीएसई बोर्ड की मान्यता के लिए निरीक्षण मार्च में हो चुका है और दि कैम्ब्रिज स्कूल सीबीएसई बोर्ड की सबसे जल्दी मान्यता पाने वाला हरदोई का पहला शिक्षण संस्थान होगा। बनर्जी ने बताया स्कूल की सोशल वेलफेयर पॉलिसी के तहत ही स्कूल बसों के किराए में 40 प्रतिशत और वैन के भाड़े में 35 फीसदी की कमी भी की गई है।