न्यूयॉक में होने जा रही संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे। पाकिस्तान की तरफ से मुलाकात की पेशकश स्वीकार करने को लेकर मोदी सरकार पर विपक्ष हमलावर हो गया है। कांग्रेस ने सवाल खड़ा किया है और कहा है कि न्यूयॉर्क के बिरयानी क्यों खानी है? वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से भाषण नहीं बल्कि एक्शन चाहिए।
हालांकि न्यूयॉर्क में होने वाली भारत-पाक वार्ता को लेकर सरकार कोई बड़ा फैसला ले सकती है, सूत्रों के मुताबिक पाक की आतंकी परस्त नीति पर मोदी सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा है, ‘’साल 2004 से 2014 के बीच बीजेपी हमेशा ये हल्ला करती रही कि आतंक और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते, लेकिन अब मोदी सरकार खुद न्यूयॉर्क में आतंकी वारदातों और भारतीय सैनिकों पर हो रहे हमलों के बीच पाकिस्तान से बातचीत करने जा रही है.’’ उन्होंने कहा है कि 2014 से 2018 के बीच मोदी सरकार ने देश को सिर्फ गुमराह किया है।
वहीं, इस मामले पर आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है, ‘’”प्रधानमंत्री जी इतनी बड़ी-बड़ी बातें करते थे, कहते थे लव लेटर लिखने से काम नहीं चलेगा, उनको उनकी भाषा में जवाब देना होगा, तो दीजिये न, दो अब उनकी भाषा में जवाब। आप जन्मदिन पर उनके यहां केक काटने जाते हो, उससे जवानों के साथ हो रही बर्बरता रुकेगी क्या?”
केजरीवाल आज हरियाणा के सोनीपत में सीमा पर शहीद जवान नरेंद्र सिंह के परिवार से मिले थे। दिल्ली सरकार ने शहीद नरेन्द्र सिंह के परिवार को एक करोड़ की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का एलान किया है। बता दें कि दो दिन पहले सांबा जिले के रामगढ़ सेक्टर में सीमा पर तैनात शहीद जवान नरेंद्र सिंह की पाकिस्तानी सेना ने बर्बरतापूर्ण यातनाओं के बाद हत्या कर दी थी।
इस बीच टेरर के बीच टॉक के खिलाफ BJP के अंदर से आवाज़ उठी है, स्वामी बोले हैं कि पाकिस्तान से बात करना फिजूल है।
आपको बता दें कि विदेश मंत्रालय पाक के साथ वार्ता को लेकर पुनर्विचार कर रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की ओर से बातचीत फिर से शुरू करने की गुज़ारिश के बाद भारत की तरफ से रुख साफ किया गया था कि जब तक आतंकवाद रहेगा, बातचीत नहीं होगी, लेकिन इसके वाबज़ूद भारत ने यूएनजीए की बैठक के दौरान भारत-पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की बैठक को लेकर सहमति दे दी थी।
पिछले तीन दिनों बीएसएफ के जवान नरेंद्र सिंह के साथ कायराना हरकत और हत्या और इसके बाद जम्मू कश्मीर के तीन पुलिस कर्मियों की पाकिस्तान के आतंकियों की तरफ से अपहरण और हत्या को सरकार ने बैठक के माहौल के खिलाफ मान रही है। इसलिये न्यूयॉर्क में होने वाली भारत-पाक की बैठक पर बड़ा एलान हो सकता है।
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