तुम्ही सो गए दास्तां कहते कहते

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बिजनेस छोड़ भजन गायक बने थे विनोद अग्रवाल
कनाडा की मैकगिल यूनिवर्सिटी में 14 साल रहे प्रोफेसर
प्रख्यात भजन सम्राट डॉ0 विनोद अग्रवाल अब नहीं रहे। आज तड़के 63 साल की उम्र में मथुरा में उनका निधन हो गया। 06 जून 1955 को दिल्ली में जन्‍मे विनोद अग्रवाल 02 दिन से मथुरा के नयति अस्पताल में भर्ती थे, जहां मंगलवार सुबह 04 बजे उन्‍होंने अंतिम सांस ली। विनोद अग्रवाल के सभी अंगों के काम करना बंद करने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। वृंदावन स्थित आवास पर रविवार को उनकी अचानक उनके सीने में दर्द की शिकायत हुई थी।
डॉ0 विनोद अग्रवाल व्‍यवसायी परिवार से ताल्‍लुक रखते थे। लेकिन, भगवान कृष्‍ण की भक्‍ति में वह भजन गायक बन गए। वह कनाडा की मैकगिल यूनिवर्स‍िटी में 1978 से 1992 तक प्रोफेसर भी रहे थे। वह कंप्‍यूटर साइंस ड‍िपार्टमेंट में थे। बाद उन्‍होंने लॉजिक विज़न कंपनी की स्‍थापना की। ये देश की पहली टेक्‍नोलॉजी आईपीओ कंपनी थी। बाद में उन्‍होंने यह कंपनी छोड़ एक नई कंपनी सेम इंड‍िया की शुरुआत की। ब‍िरला इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नोलॉजी से इंजीनियरिंग की ड‍िग्री हासिल करने वाले विनोद अग्रवाल University of Pittsburgh से साइंस में मास्‍टर्स थे। उन्‍होंने The Johns Hopkins University से पीएचडी भी की थी।
भजन सम्राट के नाम से विख्यात विनोद अग्रवाल के 02 बच्चे हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। उनके बेटे का मुंबई में कपड़ों का कारोबार है। विनोद देश विदेश में अब तक 3,000 से भी अधिक कार्यक्रम पेश कर चुके हैं। अलहदा अंदाज़ और शेरो-शायरी में पगे उनके राधा-कृष्ण के भजन लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं।