क्रिकेट विश्व कप 1979 : भारत का रहा था सबसे शर्मनाक प्रदर्शन!

0
37

क्रिकेट वर्ल्ड कप 1979 में क्या रहा ख़ास

फिर चला कैरेबियाई जादू 

दूसरा विश्व कप: 9 से 23 जून (इंग्लैंड)

इस विश्व कप में 15 मैच खेले गए थे, जो छह मैदानों में 15 दिन तक चले

08 टीमों (ऑस्ट्रेलिया, भारत, वेस्ट इंडीज, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, इंग्लैंड, श्रीलंका, कनाडा) ने लिया था भाग

10 विकेट सर्वाधिक इंग्लैंड के गेंदबाज माइक हेंड्रिक ने पांच मैचों में 14.90 की औसत से झटके

253 रन सर्वाधिक वेस्टइंडीज के गॉर्डन ग्रीनिज ने चार मैचों में 84.33 की औसत से बनाए थे, जिसमें 106 रन की नाबाद पारी भी शामिल थी

अंग्रेजों की धरती इंग्लैंड में ही हुए दूसरे विश्व कप (प्रूडेंशियल कप) में भी कैरेबियाई जादू चला। 1979 में हुए इस टूर्नामेंट में क्लाइव लॉयड की अगुआई वाली टीम ने एक बार फिर सभी को मात देकर लगातार दूसरी बार विश्व विजेता बनने का गौरव हासिल किया। वेस्टइंडीज ने फाइनल में इंग्लैंड को 94 रन से मात देकर ट्रॉफी जीती। भारतीय टीम अपने तीनों मुकाबले हार गई।

नॉक आउट राउंड का रोमांच

पहला सेमीफाइनल: इंग्लैंड बनाम न्यूजीलैंड
इंग्लैंड: 221/8(60 ओवर), न्यूजीलैंड: 212/9 (60 ओवर), इंग्लैंड नौ रन से विजयी
मैन ऑफ द मैच: ग्राहम गूच (इंग्लैंड)

दूसरा सेमीफाइनल: पाकिस्तान बनाम वेस्टइंडीज
वेस्टइंडीज: 293/6(60 ओवर), पाक: 250/10 (56.2ओवर), विंडीज 43 रन से जीता
मैन ऑफ द मैच: गॉर्डन ग्रीनिज (विंडीज)

फाइनल: वेस्टइंडीज बनाम इंग्लैंड
वेस्टइंडीज: 286/9(60 ओवर), इंग्लैंड: 194/10 (51 ओवर), विंडीज 92 रन से विजयी
मैन ऑफ द मैच: विव रिचर्ड्स (वेस्ट इंडीज)

किंग की पारी से ही बना था विंडीज किंग

खिताबी मुकाबले में भले ही विव रिचर्ड्स (138) ने नाबाद शतकीय पारी खेली हो, लेकिन विंडीज को लगातार दूसरी बार किंग बनाने का काम बल्लेबाज कोलिंस किंग ने किया। उनकी 66 गेंदों पर खेली गई 86 रन की ताबड़तोड़ पारी ने मैच का रुख बदल दिया था। विंडीज ने एक समय 99 रन पर शीर्ष चार बल्लेबाज गंवा दिए थे। किंग ने रिचर्ड्स के साथ पांचवें विकेट के लिए 139 रन की साझेदारी कर स्कोर 250 के करीब पहुंचाया था। रिचर्ड्स ने किंग से आराम से बल्लेबाजी करने को कहा था, पर किंग ने उनसे कहा, पूरे टूर्नामेंट में हमने किसी को नहीं बख्शा, तो फिर आज अलग क्यों? मैं जेफ्री को यह ट्रॉफी यूं ही नहीं ले जाने दूंगा।

भारत का शर्मनाक प्रदर्शन

विश्वनाथ ही चले: भारतीय टीम अपने पहले ही मुकाबले में 53.1 ओवर में सिर्फ 190 रन पर ढेर हो गई। गुंडप्पा विश्वनाथ (75) को छोड़कर कोई भी खिलाड़ी 20 का आंकड़ा पार नहीं कर सका। माइकल होल्डिंग ने चार विकेट झटके। जवाब में विंडीज ने गॉर्डन ग्रीनिज (106) की नाबाद शतकीय पारी से एक विकेट पर 194 रन बनाकर नौ विकेट से मैच जीत लिया।

182 पर ढेर: न्यूजीलैंड की चौकड़ी लांस केन्यर्स (3/36), ब्रायन मैक्केशिने (3/24), रिचर्ड हेडली (2/20) और गैरी ट्रूप (2/36) के आगे भारतीय टीम 55.5 ओवर में 182 पर लुढ़क गई। सुनील गावस्कर ने सर्वाधिक 55 और ब्रजेश पटेल ने 38 रन बनाए। न्यूजीलैंड ने लक्ष्य को ब्रूस एडगर नाबाद 84 और जीएम टर्नर नाबाद 43 की मदद से 57 ओवर में दो विकेट खोकर पा लिया।

40 से पार नहीं गया कोई: भारतीय टीम श्रीलंका से भी हार गई। श्रीलंका को तक टेस्ट दर्जा नहीं मिला था। श्रीलंका से मिले 239 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 54.1 ओवर में 191 रन पर ढेर हो गई। उसका कोई भी बल्लेबाज चालीस के पार नहीं जा सका। दिलीप वेंगसकर ने 36, गायवाड़ ने 33 और गावस्कर ने 26 रन बनाए।

इस विश्व कप में नए खिलाड़ी के तौर पर कपिल देव, सुरेंद्र खन्ना, दिलीप वेंगसरकर थे।