आर्यन का बचपन से ही सपना कुछ अलग करने का था, वो अलग क्या हो, कैसा हो, इसी सोच के साथ कब वो 21 साल के हो गए, पता ही नहीं चला। अगर सब कुछ पक्ष में रहा तो जल्द ही उनका नाम यूरेशिया वर्ल्ड रिकॉर्ड, वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ऑफ़ इंडिया, गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स में देखा जा सकेगा।

सांडी के ज्ञान गंगा इंटर कॉलेज से बारहवीं पास करके आर्यन ने सीतापुर ज़िले के महमूदापुर से कंप्यूटर साइंस विषय मे पॉलीटेक्निक पास की। इस समय 6 महीने से वे सॉफ्ट प्रो इंडिया नाम की कंपनी में अप्रेंटिस कर रहे हैं। पढ़ाई करते हुए अचानक उन्हें एक विचार सूझा कि क्यों न भागवद्गगीता को रिबन पर लिखा जाए। विचार आते ही उन्होने इस प्रोजेक्ट पर कार्य आरंभ कर दिया। 1276 मीटर (4187 फिट) लम्बे व डेढ़ इंच चौड़े रिबन पर उन्होंने पूरी भागवद्गगीता लिख डाली। लिखने के बाद एक लिंक के माध्यम से गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम से संपर्क किया। टीम ने उन्हें कई परीक्षणों से गुज़ारा और आख़िरकार उनका प्रोजेक्ट रजिस्टर कर लिया गया। अपने इस प्रोजेक्ट के दौरान आर्यन ज़िलाधिकारी पुलकित खरे से भी मुलाक़ात करते रहे, उन्होंने भी आर्यन को काफी प्रोत्साहित किया। आर्यन के परिवार की बात अगर की जाए तो उनके पापा मुन्नू सिंह किसान हैं, माँ हैं नहीं, भाई सुशील सिंह प्राध्यापक हैं व दो बहनें हैं जिनकी शादी हो चुकी है।
अब 2 सितम्बर को ज़िलाधिकारी के सहयोग से एक ओपन कार्यक्रम स्थानीय रसखान प्रेक्षाग्रह में सुबह 10 बजे से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें जनपद के समाजसेवियों, सांस्कृतिक कर्मियों, बुद्धिजीवियों, प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष उनका प्रोजेक्ट प्रदर्शित किया जाएगा व वहीं गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्डस के लोग आकर निरीक्षण भी करेंगे। बहरहाल हरदोई के लिए ये गर्व का विषय है कि उसकी माटी ने ऐसा लाल दिया है जो न केवल सपना देखता है वरन उसे क्रियान्वित भी करता है।
अन्तर्ध्वनि की पूरी टीम की तरफ़ से आर्यन को ढेर सारी शुभकामनाएं।