ज़िला प्रशासन ने कस्तूरबा विद्यालय की छात्राओं को बांटे सोलर लैंप

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बालिकाएं मन लगाकर पढ़ाई करें और देश के भविष्य को एक नई दिशा दें : अंशुल वर्मा

डीएम ने बालिकाओं को सोलर लैम्प वितरण कर सराहनीय कार्य किया : नितिन अग्रवाल

वार्डन बालिकाओं की देख-भाल अपने बच्चों की तरह करें : पुलकित खरे

जिला प्रशासन की ओर से कल रसखान प्रेक्षागृह एवं मीरा टॉकीज़ में कस्तूरबा विद्यालय की छात्राओं को सोलर लैम्प का वितरण किया गया। प्रेक्षागृह में सोलर लाइट वितरण कार्यक्रम का शुभारम्भ सांसद अंशुल वर्मा, सदर विधायक नितिन अग्रवाल एवं जिलाधिकारी पुलकित खरे की उपस्थित में कस्तूरबा विद्यालय की बालिकाओं द्वारा दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया।
प्रेक्षागृह में सोलर लैम्प वितरण कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सांसद ने जिलाधिकारी की प्रंशसा करते हुए कहा कि अपने सांसद काल में उन्होने पहले ऐसे जिलाधिकारी देखे हैं जो आम जनता के अलावा छात्र/छात्राओं व खास कर कस्तूरबा गांधी विद्यालय की बालिकाओं पर विशेष ध्यान देते हैं। उन्होने छात्राओं से कहा कि अगर जिलाधिकारी आप लोगों के प्रेरणास्रोत के रूप में शिक्षा पर ध्यान दे रहे हैं तो अब बच्चे बिजली जाने का बहाना न बनाकर मन लगाकर पढ़ाई करें और देश के भविष्य को एक नई दिशा दें।
सदर विधायक नितिन अग्रवाल ने कहा कि बालिकायें सोलर लैम्प का सदुपयोग करें और नियमित लैम्प को चार्ज भी करती रहें। उन्होने कहा कि जिलाधिकारी ने कस्तूरबा विद्यालय की सभी बालिकाओं को सोलर लैम्प वितरण कर सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि बालिकायें अब रात में बिजली जाने के बाद भी रात में जितनी देर पढ़ाई करना चाहेंगी तो वह सोलर लैम्प की रोशनी से पढ़ सकेंगी। उन्होने कहा कि बालिकायें देश का गौरव हैं, इसलिए सभी पढ़-लिखकर अच्छे पदों पर पहुंच कर जनपद का नाम रोशन करें।
जिलाधिकारी के लैम्प वितरण कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए प्रभारी सुधीर कुमार ने कहा कि बालिकाओं के लिए जिलाधिकारी ने बालिकाओं की पढ़ाई के प्रति रूचि लेते हुए सोलर लैम्प वितरत करायें है, इससे बालिकाओं का मनोबल बढ़ेगा और वह मन लगाकर पढ़ाई करेगीं।
इस अवसर पर जिलाधिकारी पुलकित खरे ने अपने सम्बोधन में कहा कि विगत माह कस्तूरबा विद्यालय कछौना व सुरसा के निरीक्षण में उन्होने बालिकाओं से अकेले में एक भाई की तरह बात की और उनकी समस्याओं एवं दिक्कतों के बारे में जाना, तो बालिकाओं ने बताया कि पढ़ाई में सबसे बड़ी बाधा बिजली है जो रात्रि के समय अधिकतर नही रहती है जिससे शाम के बाद वह पढ़ाई नही कर पाती हैं और कोर्स पीछे छूट जाता है। जिलाधिकारी ने कहा कि इसे गम्भीरता से लेते हुए अपर जिलाधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों से वार्ता कर तय किया गया कि जिला प्रशासन के सहयोग से कस्तूरबा गांधी विद्यालय की बालिकाओं को सोलर लैम्प उपलब्ध कराई जाएंगी। जिससे वह रात में भी पढ़ाई कर सकेंगी और पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा नही आयेगी। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने उपस्थित कस्तूबा विद्यालय की वार्डन को निर्देश दिये कि इन सोलर लैम्पों को कस्तूरबा विद्यालय के स्टॉक रजिस्टर में अंकित करें और अगले वर्ष विद्यालय से जाने वाली बालिकाओं से यह सोलर लैम्प ले लिये जाएं तथा नवीन प्रवेश करने वाली बालिकाओं को लैम्प उपलब्ध करायें और बालिकाओं की देख-भाल अपने बच्चों की तरह करें और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी भी रखें। जिलाधिकारी ने बालिकाओं से कहा कि आज लड़कियां – लड़कों से किसी भी क्षेत्र में पीछे नही है और जिन बालिकाओं ने मन बना लिया है कि उन्हें डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस, शिक्षक या पुलिस बनना है तो उन्हें पढ़ाई कड़ी मेहनत वह भी लगन से करने के साथ करनी होगी।